महिन्द्रा युनिवर्सिटी का आर्थिक नीति केंद्र हैदराबाद में शुरू
एवीएस न्यूज.हैदाराबाद
महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय आर्थिक महत्व के विषयों पर अनुसंधान, संवाद और नीतिगत जुड़ाव के लिए एक नये मंच- आर्थिक नीति केंद्र (इकोनॉमिक पॉलिसी सेंटर) शुरू करने की घोषणा की। इस केंद्र ने “Hyderabad: Powering India’s GCC Ecosystem” थीम पर अपने पहले कार्यक्रम की मेजबानी की जिसमें PwC नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल था। तेलंगाना सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार, उद्योग एवं वाणिज्य और विधायी मामलों के मंत्री डी.श्रीधर बाबू ने कहा, “हैदराबाद अपने मजबूत आधारभूत ढांचा, प्रगतिशील नीतिगत वातावरण और गहन प्रतिभा पूल के बल पर वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए एक आकर्षक स्थल के रूप में उभरा है। जैसा की वैश्विक कंपनियां मजबूत और भविष्य के लिए तैयार परिचालन स्थापित करने की संभावना तलाश रही हैं, नवप्रवर्तन, अनुसंधान और उद्योग के साथ गठबंधन के जरिए अपने पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आर्थिक नीति केंद्र जैसे मंच ऐसे विचारों को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जो भारत के परिवर्तन के अगले चरण को ताकत प्रदान करे।” उन्होंने जीसीसी के लिए एक जबरदस्त पारितंत्र तैयार करने में राज्य स्तरीय नीति की अहम भूमिका रेखांकित की। मंत्री डी.श्रीधर बाबू ने इस बात पर जोर दिया कि तेलंगाना डिजिटल परिवर्तन के अगले चरण को गति देने के लिए एक अनूठी स्थिति में है।
उन्होंने यह भी कहा कि अकादमिक अनुसंधान और औद्योगिक नीति के बीच तालमेल वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलपति डाक्टर येजुलु मेदुरी ने इस संस्थान के विजन को रेखांकित करते हुए कहा, “यह आर्थिक नीति केंद्र भारत की वृद्धि की कहानी के लिए मायने रखने वाले मुद्दों पर सार्थक बातचीत को आगे बढ़ाएगा जिसकी शुरुआत हैदराबाद से की जा रही है जो एक अग्रणी जीसीसी हब के रूप में उभर रहा है। हम एक ऐसा पारितंत्र तैयार कर रहे हैं जहां अकादमिक कठोरता, वास्तविक दुनिया के एप्लीकेशन से मेल खाती है और इससे यह सुनिश्चित होगा कि हमारे अनुसंधान इस देश की सामाजिक आर्थिक रूपरेखा में प्रत्यक्ष रूप से योगदान करे।
” इस आयोजन में वरिष्ठ नीति निर्माता, अर्थशास्त्री, उद्योगपति और जीसीसी के कार्यकारी एकजुट हुए और भारत के वैश्विक क्षमता केंद्र की राजधानी के तौर पर हैदराबाद की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की।
महिन्द्रा युनिवर्सिटी के डीन (स्कूल ऑफ मैनेजमेंट) डाक्टर अनादि सरन पांडे ने कहा, “आर्थिक नीति केंद्र की स्थापना से लोक नीति संबंधी चर्चा में हमारे संस्थान की भूमिका को मजबूती प्रदान करेगा क्योंकि यह केंद्र वैश्विक स्तर पर जानकारीपूर्ण और स्थानीय स्तर पर केंद्रित होगा।
यह अगली पीढ़ी को बड़े पैमाने पर वैश्विक परिचालनों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए आवश्यक सूक्ष्म स्तरीय अंतर्दृष्टि से परिपूर्ण करेगा।” इस आयोजन में हैदराबाद की जीसीसी सफलता के आधारभूत कारकों का विश्लेषण किया गया जिनमें इसका समृद्ध आईटी एवं नवप्रवर्तन पारितंत्र, मजबूत नीतिगत सहयोग, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा, वैश्विक निवेश की अपील और कुशल प्रतिभा पूल शामिल हैं। आर्थिक नीति केंद्र के प्रमुख डाक्टर निलांजन बानिक ने कहा, “इस आर्थिक नीति केंद्र की शुरुआत एक ऐसे महत्वपूर्ण समय में की गई है जब वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं और क्षमता आधारित सेवाओं में भारत की भूमिका बढ़ रही है।
जीसीसी पर हमारे पहले आयोजन ने यह समझने में कि कैसे नीति, प्रतिभा और आधारभूत ढांचा भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता मजबूत कर सकते हैं, विविध दृष्टिकोण पेश किया है।” आर्थिक नीति केंद्र के उप प्रमुख डाक्टर प्रदीप रचेरला ने कहा, “इस केंद्र को अकादमिक अंतर्दृष्टि और नीतिगत अभ्यास के बीच एक सेतु के तौर पर डिजाइन किया गया है। जीसीसी पर हमारे प्रथम संवाद के जरिए हमें ऐसे व्यवहारिक विचार सामने आने की उम्मीद है जो हैदराबाद के विकास और भारत की व्यापक आर्थिक महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करेंगे।
” इस सम्मेलन में दो गहन विशेषज्ञ सत्रों का आयोजन किया गया। पहले सत्र का संचालन ईपीसी के प्रमुख डाक्टर निलांजन बानिक ने किया जिसमें उन्होंने वैश्विक रुख और आधारभूत ढांचा सहित वृहद कारकों की समीक्षा की।
इसके पैनल में मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री और रणनीतिक सलाहकार रुमकी मजूमदार, टाइम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ संपादक सुरोजित गुप्ता, नौकरशाह एवं विकास अर्थशास्त्री आमिर उल्लाह खान और सीजीएसटी के संयुक्त आयुक्त (केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क) जगदीश डोड्डी शामिल थे। दूसरी परिचर्चा सत्र का संचालन एसोसिएट डीन डाक्टर प्रदीप रचेरला ने किया जिसमें उन्होंने “सिटी इकोसिस्टम”, प्रतिभा अधिग्रहण और श्रम नीतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सूक्ष्म कारकों पर प्रकाश डाला। इस पैनल में उद्योगपति फाइनेंशियल सर्विसेज जीसीसी, केपीएमजी इंडिया के वरिष्ठ साझीदार, नेशनल लीडर सिमर दीप सिंह, सिटको ग्रुप लिमिटेड के कंट्री हेड (भारत) अमित वर्मा, जेलिस के अध्यक्ष और कंट्री हेड वेणुगोपाल रेड्डी कांडिमल्ला और बोश ग्लोबल सॉफ्टवेयर, टेक्नोलॉजीज- हैदराबाद के उपाध्यक्ष एवं सेंटर हेड अमजद खान शामिल थे।

