जम्मू। सर्वेश्वर फूड्स लिमिटेड (SFL), जो जम्मू-कश्मीर आधारित फार्म-टू-फोर्क फूड कंपनी है, निकट भविष्य में अपने किसान सुविधा केंद्रों (FFCs) की संख्या मौजूदा 14 से बढ़ाकर 50 करने की योजना बना रही है। इस विस्तार के माध्यम से कंपनी का लक्ष्य अपनी मिल संचालन को मज़बूती देना और नई वैल्यू-ऐडेड उत्पाद श्रृंखला के लिए किसानों से निरंतर उपज आपूर्ति सुनिश्चित करना है।


सर्वेश्वर फूड्स जम्मू-कश्मीर की उर्वर धरती से देश-दुनिया तक हिमालयी शुद्धता की सौगात
सर्वेश्वर फूड्स राज्य की सबसे बड़ी राइस मिल संचालित करता है और 130 वर्षों से भी अधिक पुरानी परंपरा का धनी है। जम्मू-कश्मीर की उपजाऊ और प्रदूषणमुक्त धरती में स्थापित यह कंपनी प्रीमियम बासमती चावल और ऑर्गेनिक उत्पादों की विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता बन चुकी है।कृषि जगत में अपनी गहरी पकड़ बनाने के साथ ही सर्वेश्वर सीधे किसानों से जुड़ता है, ग्रामीण समुदायों को सशक्त करता है और देश-विदेश के उपभोक्ताओं तक जैविक अनाज और चावल पहुंचाता है। हिमालय की शुद्धता और परंपरा को घर-घर तक पहुंचाना ही इसकी पहचान बन गई है।


 प्रकृति की ताकत से आगे बढ़ता सर्वेश्वर फूड्स
सर्वेश्वर फूड्स ने जम्मू-कश्मीर और उत्तर भारत के कई अन्य राज्यों में फैली अपनी विशाल कृषि भूमि के दम पर एक मजबूत पहचान बनाई है। कंपनी के स्वामित्व वाली और अनुबंधित ज़मीनों पर वर्षों से खेती होती आ रही है।जम्मू-कश्मीर की अनोखी भौगोलिक स्थिति सर्वेश्वर को खास बढ़त देती है। यहां की उपजाऊ मिट्टी, स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण और रसायनों के न्यूनतम उपयोग ने इस क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाले बासमती चावल, केसर, अखरोट और अन्य विशेष फसलों की खेती के लिए आदर्श बनाया है।इन प्राकृतिक खूबियों का लाभ उठाते हुए सर्वेश्वर फूड्स ने जम्मू-कश्मीर बासमती के लिए पहला भौगोलिक संकेतक (GI) टैग हासिल किया है, जो प्रामाणिकता और गुणवत्ता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।


किसानों से सीधा जुड़ाव  सर्वेश्वर की विकास यात्रा
सर्वेश्वर की सफलता की कहानी उसकी किसान-प्रथम नीति में गहराई से जमी है। कंपनी जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के 17,000 से अधिक किसानों से सीधे जुड़ी है, जो 30,000 एकड़ से अधिक प्रमाणित ऑर्गेनिक खेती पर काम कर रहे हैं। किसानों के बीच भरोसा बनाने के लिए कंपनी ने कई पहलें शुरू की हैं।पिछले चार वर्षों से कंपनी का नेतृत्व कर रहे रोहित गुप्ता इस किसान-सम्पर्क मॉडल को और विस्तार देने में जुटे हैं। वर्तमान में 14 एफएफसी से काम कर रही कंपनी आने वाले समय में इसे 50 से अधिक केंद्रों तक ले जाने की योजना बना रही है।