एवीएस न्यूज.मुंबई 


प्राइम टाइम में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाला ज़ी टीवी हमेशा से ऐसी कहानियां लेकर आता रहा है, जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि सोच पर भी असर डालती हैं। सालों से इसके किरदार सिर्फ कहानी तक सीमित नहीं रहे, बल्कि दर्शकों की रोजमर्रा की सोच को भी प्रभावित करते आए हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए चैनल अपने पॉपुलर शो ‘तुम से तुम तक’ के जरिए एक ऐसे सच पर बात कर रहा है, जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, यानी हार्ट अटैक से जुड़े कई भ्रम।

आने वाले एपिसोड्स में आर्यवर्धन का किरदार निभा रहे शरद केलकर को हार्ट अटैक आता है, जो कहानी में एक बड़ा मोड़ लेकर आता है। आम तौर पर ऐसे सीन डर और अंत के रूप में दिखाए जाते हैं, लेकिन यह शो उस नजरिए को सामने लाता है, जैसा लोग असल जिंदगी में इन हालात को देखते और समझते हैं। अक्सर यह माना जाता है कि हार्ट अटैक के बाद व्यक्ति सामान्य जिंदगी नहीं जी सकता, या फिर उसकी ताकत और उम्र पर असर पड़ता है। ऐसे कई भ्रम हैं, जो बेवजह डर और फिक्र पैदा करते हैं।

इस कहानी के जरिए ‘तुम से तुम तक’ इन धारणाओं पर सवाल उठाता है और दर्शकों को उन्हें नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित करता है। यह साफ संदेश देता है कि हार्ट अटैक अंत नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। सही जानकारी, देखभाल और जीवनशैली में बदलाव के साथ व्यक्ति एक सामान्य और संतुलित जिंदगी जी सकता है। इस कहानी को संवेदनशील तरीके से दिखाकर ज़ी टीवी दर्शकों को डर से बाहर निकलकर समझदारी से सोचने के लिए प्रेरित कर रहा है।

इस ट्रैक के पीछे की सोच पर बात करते हुए ज़ी टीवी के चीफ चैनल ऑफिसर मंगेश कुलकर्णी कहते हैं, “ज़ी टीवी में हम मानते हैं कि कहानियों में लोगों की सोच बदलने की ताकत होती है। हमारे किरदार दर्शकों को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं, जिनसे वे रोज जुड़ते हैं और जिनका असर उनकी जिंदगी पर पड़ता है। ‘तुम से तुम तक’ के इस ट्रैक के जरिए हम हार्ट अटैक से जुड़े कई भ्रमों पर बात करना चाहते थे। अक्सर इसके साथ डर और अंत की भावना जुड़ी होती है, जो हर बार सही नहीं होती। इस कहानी के जरिए हम ये बताना चाहते हैं कि हार्ट अटैक एक चेतावनी है, जो हमें अपनी सेहत का ध्यान रखने और जागरूक बनने का मौका देता है, न कि जिंदगी को सीमित कर देने वाली चीज। और इसे बताने का सबसे अच्छा तरीका वही किरदार हैं, जिन्हें दर्शक दिल से पसंद करते हैं।”

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चीफ कंटेंट ऑफिसर राघवेंद्र हुंसूर कहते हैं, “ज़ी में हम हमेशा मानते हैं कि कहानी सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सोच को दिशा देने का जरिया भी होती है। ‘तुम से तुम तक’ के इस ट्रैक के जरिए हमारा मकसद हार्ट अटैक को लेकर बनी धारणाओं को एक नए नजरिए से दिखाना है। ऐसे हालात में तुरंत डर लगना स्वाभाविक है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि सही समय पर कदम उठाने, जागरूकता और सही देखभाल से बहुत फर्क पड़ सकता है। ऐसी कहानियों के जरिए हम चाहते हैं कि दर्शक सिर्फ जुड़ें ही नहीं, बल्कि कुछ सीख भी लेकर जाएं।”
आर्यवर्धन का किरदार निभा रहे शरद केलकर कहते हैं, “इस ट्रैक की सबसे खास बात यह है कि यह बहुत जुड़ा हुआ लगता है। हम सभी ने बचपन से हार्ट अटैक को लेकर कुछ बातें सुनी हैं, जो तुरंत डर पैदा करती हैं।

इन सीन को शूट करते समय मुझे एहसास हुआ कि इसे समझदारी से देखना कितना जरूरी है। यह एक गंभीर स्थिति है, लेकिन अंत नहीं है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इससे जुड़ेंगे और अपनी सेहत को लेकर एक सकारात्मक और समझदारी भरा नजरिया अपनाएंगे।”


ऐसे ही जरूरी मुद्दों को सामने लाकर ज़ी टीवी अपनी पहचान और मजबूत करता है, जहां कहानियां सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि सोच को भी नई दिशा देती हैं। ‘तुम से तुम तक’ के जरिए एक बार फिर यह दिखाया गया है कि कहानी कैसे पुरानी धारणाओं को चुनौती देकर लोगों को ज्यादा जागरूक बना सकती है।