एवीएस न्यूज.ग्वालियर
  मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर एवं हेड डॉ. विकास सिंगला ने बताया गॉलब्लैडर स्टोन और शराब इसके सबसे सामान्य कारण हैं। गॉलब्लैडर स्टोन से होने वाला एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस अधिकतर मिडिल एज महिलाओं में देखा जाता है।

गॉलब्लैडर से निकला छोटा स्टोन बाइल डक्ट में फंसकर पैंक्रियास को प्रभावित कर सकता है। शराब से होने वाला पैंक्रियाटाइटिस पुरुषों में अधिक पाया जाता है। हालांकि हर शराब पीने वाले व्यक्ति को यह बीमारी नहीं होती। इसके लिए जेनेटिक पॉलिमॉर्फ़िज़्म जैसे सूक्ष्म जेनेटिक बदलाव भी जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके अलावा, खून में कैल्शियम या ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ना भी एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का कारण बन सकता है।

अत्यधिक विटामिन डी का सेवन या पैराथायरॉइड हार्मोन का बढ़ना हाइपरकैल्सीमिया पैदा कर सकता है। बच्चों में पेट पर चोट, जैसे बेंच या कार के स्टीयरिंग से टकराना, एक आम कारण है। कुछ दवाइयां, खासकर कैंसर और हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं, भी पैंक्रियाटाइटिस को ट्रिगर कर सकती हैं। बुजुर्गों में पैंक्रियास या एम्पुला का ट्यूमर डक्ट को ब्लॉक कर सकता है। मम्प्स जैसे वायरल इन्फेक्शन और ऐस्कारिस जैसे कीड़े भी दुर्लभ कारणों में शामिल हैं।

डॉ. विकास ने कहाकि  एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का इलाज मुख्य रूप से सपोर्टिव केयर पर आधारित होता है और मरीज को अस्पताल में भर्ती करना जरूरी होता है। कारण की पहचान और उसका इलाज साथ-साथ शुरू किया जाता है।