भोपाल। अमेरिका द्वारा भारत से निर्यात होने वाले उत्पादों पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने के फैसले का राजधानी भोपाल, मध्यप्रदेश और देश के उद्योग और व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों ने ट्रंप के टैरिफ की कड़ी आलोचना की है।  भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने तेजकुलपाल सिंह पाली, उपाध्यक्ष सुनील जैन 501, आकाश गोयल ने कहाकि अमेरिका को भारत से मेटल, मोती-पत्थर, लेदर, केमिकल, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मसाले, मशीनरी पार्ट्स, दवाइयां और चावल जैसे प्रमुख उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। टैरिफ बढ़ने से इन उत्पादों की कीमत अमेरिकी बाजार में बढ़ेगी, जिससे भारतीय निर्यात को गहरा झटका लग सकता है। उन्होंने कहाकि व्यापारियों में भ्रम की स्थिति है, क्योंकि कई ऑर्डर पुराने रेट पर भेजे जा चुके हैं और वे रास्ते में हैं। ऐसे में भुगतान और ऑर्डर रद्द होने का संकट मंडरा रहा है।
- अमेरिकी सामान का हो सकता है बहिष्कार
 बीसीसीआई के अध्यक्ष पाली ने कहाकि अगर अमेरिका ने यह टैरिफ वापस नहीं लिया, तो भारत में अमेरिकी उत्पादों के खिलाफ विरोध अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे चीनी सामान भारत छोड़ो अभियान असरदार रहा था, उसी तरह त्योहारों के दौरान अमेरिकी ब्रांड्स के बहिष्कार की भी रणनीति तैयार होगी। 


रोहित सुगंधीलाल जैन ने कहाकि भारत सरकार से आग्रह किया है कि वह अमेरिका के सामने इस टैरिफ को हटाने की मांग मजबूती से उठाए। संगठन ने कहा कि यह सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि लाखों छोटे व्यापारियों, एक्सपोर्टरों और श्रमिकों की आजीविका का सवाल है।

 


 कैट ने सरकार से की सख्त कदम उठाने की मांग
 कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने कहाकि संठगन अमेरिका सरकार द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है। यह निर्णय भारतीय व्यापारियों, निर्यातकों और छोटे उद्यमियों के हितों के विपरीत है और द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में असंतुलन पैदा कर सकता है। उन्होंने कहाकि भारत अमेरिका को हर साल अरबों डॉलर के उत्पाद निर्यात करता है, जिनमें स्टील, एल्युमिनियम, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं। ऐसे में इन उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाना सीधे-सीधे भारतीय एमएसएमई  सेक्टर को नुकसान पहुंचाने वाला कदम है।