एवीएस न्यूज.भोपाल 
आज एमेजॉन इंडिया ने एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) के साथ एक मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर दस्तखत किए। इस पार्टनरशिप का उद्देश्य मध्य प्रदेश के एमएसएमई, एंटरप्रेन्योर्स, डी2सी ब्रांड्स, मैन्युफैक्चरर्स, बुनकरों, कारीगरों और प्रोड्यूसर्स को एमेजॉन ग्लोबल सेलिंग की मदद से ग्लोबल बिजनेस का विकास करने में समर्थ बनाना है। इस एमओयू पर दस्तखत दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स ईवेंट में मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री, श्री मोहन यादव की मौजूदगी में किए गए।


 इस पार्टनरशिप के अंतर्गत ईकॉमर्स एक्सपोर्ट के बारे में जागरुकता बढ़ाई जाएगी। एक्सपोर्ट रेडीनेस के साथ नॉलेज शेयरिंग संभव बनाई जाएगी तथा नॉलेज शेयरिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे ताकि मध्य प्रदेश के बिजनेस एमेजॉन इंटरनेशनल मार्केटप्लेस के ग्राहकों तक पहुँच सकें। एमेजॉन और एमपीआईडीसी के बीच इस सहयोग के अंतर्गत राज्य के लिए एक ईकॉमर्स एक्सपोर्ट रोडमैप तैयार किया जाएगा, नीति और इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुझाव लिए जाएंगे ताकि क्रॉस-बॉर्डर एक्सपोर्ट में तेजी आ सके और भारत से 2030 तक 200-300 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ईकॉमर्स एक्सपोर्ट का लक्ष्य प्राप्त हो सके। यह पार्टनरशिप एक्सपोर्ट के ईकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर केंद्रित होगी, जिसमें लॉजिस्टिक्स, फाईनेंस की उपलब्धता, पेमेंट समाधान एवं रेगुलेटरी सहायताएं शामिल हैं।

 
इस सहयोग के बारे में श्री चंद्रमौली शुक्ला, एमडी, एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एवं एक्सपोर्ट कमिश्नर, मध्य प्रदेश सरकार ने कहा, ‘‘भारत से होने वाले एक्सपोर्ट में मध्य प्रदेश का योगदान लगातार बढ़ रहा है। यहाँ मौजूद एमएसएमई और विस्तृत प्रोडक्ट कैटेगरी इसमें काफी मदद कर रहे हैं। आज विश्व के ग्राहक अलग-अलग बाजारों के प्रोडक्ट खोजते हैं। इसलिए ईकॉमर्स एक्सपोर्ट स्थानीय व्यवसायों को विश्व के ग्राहकों तक पहुँचने और अपना खुद का ब्रांड स्थापित करने का एक बड़ा अवसर प्रदान कर रहा है। 


एमेजॉन ग्लोबल सेलिंग के एक्सपोर्ट हाट जैसे अभियान सेलर्स को यह समझने में मदद करते हैं कि उन्हें इसकी शुरुआत कैसे करनी है, वो डिजिटल टूल्स का उपयोग कैसे कर सकते हैं और एक्सपोर्ट प्रक्रिया को आगे कैसे बढ़ा सकते हैं। मैन्युफैक्चरिंग की शक्ति और डिजिटल क्षमताओं की मदद से मध्य प्रदेश के बिजनेस भारत से बाहर अपना विकास कर सकते हैं और देश से होने वाले एक्सपोर्ट में एक बड़ा योगदान दे सकते हैं।” श्रीनिधि कल्वापुड़ी, हेड, एमेजॉन ग्लोबल सेलिंग ने कहा, ‘‘एमेजॉन में हम भारतीय एमएसएमई और एंटरप्रेन्योर्स को ईकॉमर्स एक्सपोर्ट द्वारा ग्लोबल ब्रांड बनने में मदद करना चाहते हैं। 


एमपीआईडीसी के साथ हमारा यह सहयोग जागरुकता और एक्सपोर्टर्स की क्षमताओं को बढ़ाएगा, तथा ऐसे अभियानों को बढ़ावा देगा, जो मध्य प्रदेश के व्यवसायों को पूरी दुनिया के ग्राहकों तक पहुँचने में मदद करेंगे। मध्य प्रदेश के मशहूर टेक्सटाईल और हैंडीक्राफ्ट से लेकर मसालों, हैंडलूम और उभरते हुए डी2सी ब्रांड्स के लिए ग्लोबल कस्टमर्स तक पहुँचने के बड़े अवसर हैं।

यह पार्टनरशिप 2030 तक भारत से कुल 80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ईकॉमर्स एक्सपोर्ट करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।’’ एमेजॉन व्यवसायों को एक्सपोर्ट का सफर शुरू करने का प्रोत्साहन देने के लिए राज्य में जागरुकता सत्रों, नॉलेज शेयरिंग वर्कशॉप्स और फौलो-अप हेल्पडेस्क का आयोजन करेगा। 
इस प्रोग्राम में एमपीआईडीसी के नियुक्त अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण, स्थानीय सेलर समुदायों का गठन तथा व्यवसायों को अपने ईकॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए जरूरी नॉलेज और टूल्स के साथ एजुकेशनल रिसोर्स शामिल हैं।इस एमओयू के अंतर्गत हाई-पोटेंशियल एक्सपोर्ट कैटेगरीज में एमेजॉन और एमपीआईडीसी मिलकर काम करेंगे। वो राज्य में सेलर्स को बढ़ावा देंगे, मैन्युफैक्चरर्स और एक्सपोर्टर्स के बीच संपर्क स्थापित करेंगे तथा व्यवसायों को ग्लोबल ईकॉमर्स में हिस्सा लेने में समर्थ बनाने के लिए ट्रेनिंग एवं अवेयरनेस प्रोग्राम तैयार करेंगे।


इस सहयोग का उद्देश्य ईकॉमर्स एक्सपोर्ट के लिए एक स्थायी ईकोसिस्टम तैयार करना है। यह पार्टनरशिप पॉलिसी सपोर्ट, एक्सपोर्टर की शिक्षा, स्थानीय क्षमता निर्माण और एमेजॉन के ग्लोबल मार्केटप्लेस की पहुँच बढ़ाने पर केंद्रित है, जिससे मध्य प्रदेश के व्यवसायों को स्थानीय प्रोडक्ट पूरी दुनिया के ग्राहकों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। मध्य प्रदेश में 48 लाख एमएसएमई हैं, इसलिए यह राज्य एमेजॉन के लिए भारत से ईकॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए मुख्य क्षेत्रों में से एक है।