एसरी इंडिया ने तेजी से बढ़ रहे सैटेलाइट डेटा एनालिटिक्स बाजार में पांव पसारने के लिए भारत एनवी (ईएनवीआई) पेश किया
एवीएस न्यूज.नई दिल्ली
भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के क्षेत्र में अग्रणी एसरी इंडिया ने जियोस्पैटियल इमेज प्रोसेसिंग एवं एनालिसिस सॉफ्टवेयर “भारत ईएनवीआई” लांच करने की आज घोषणा की। “भारत ईएनवीआई” की लांचिंग से “इंडो आर्कजीआईएस” यूज़र्स को विश्वस्तरीय रिमोट सेंसिंग और एनालिटिक्स क्षमता हासिल होगी जिससे वे बेहतर शासन और आर्थिक वृद्धि के लिए अधिक सूझबूझ के साथ निर्णय कर सकेंगे।
ईएनवीआई को सैटेलाइट, ड्रोन, लिडार, एसएआर, मल्टीस्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर्स सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त रिमोट सेंसिंग डेटा से कार्य योग्य अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए काफी समय से विश्वभर में एक अग्रणी सॉल्यूशन के तौर पर जाना जाता रहा है। इसे मजबूती के साथ एसरी के आर्कजीआईएस प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया गया है और यह जीआईएस यूज़र्स को निर्बाध रूप से पहुंच प्रदान कर विश्वास के साथ महत्वपूर्ण समस्याओं को हल करने के लिए इमेजरी का विश्लेषण करने की सहूलियत देता है।
भारतीय जीआईएस उपयोग करने वाले संगठन अब ‘इंडो आर्कजीआईएस लिविंग एटलस’ में भारतीय कंटेंट और एआई मॉडलों के विशाल भंडार का उपयोग कर भारत ईएनवीआई के साथ इंडो आर्कजीआईएस की ताकत को मिला सकते हैं। सख्ती के साथ एकीकृत यह क्षमता भूमि उपयोग नियोजन, संसाधन प्रबंधन और प्रभावी नीति क्रियान्वयन सहित विभिन्न गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत ईएनवीआई में एक आवश्यक टूलसेट भी शामिल है जो विशेषज्ञों और नए यूज़र्स दोनों की पहुंच में है। यह अंतर्ज्ञान वाला टूलसेट सैटेलाइट इमेजरी यूज़र्स को लैंडसैट 8, सेंटिनल-2 और सेंटिनल-1 आदि से पहले से उपलब्ध सैटेलाइट डेटासेट से जलाशयों, खनन गड्ढों, फसलों, बस्तियों आदि से स्वतः ही डेटा निकालकर उपलब्ध कराता है। यह एडवांस्ड डीप लर्निंग तकनीकियों के जरिए बिल्डिंग फुटप्रिंट्स निकालने और शिप का पता लगाने में भी सक्षम है।
एसरी इंडिया के प्रबंध निदेशक अगेन्द्र कुमार ने कहा, “भारत ईएनवीआई को पेश किए जाने से देश में जियोस्पैटियल टेक्नोलॉजी पारितंत्र मजबूत होगा। विभिन्न संगठनों के नियोजन, टिकाऊपन और राष्ट्रीय विकास के लिए तेजी से सैटेलाइट इमेजरी और रिमोट सेंसिंग पर निर्भर होने से भारत ईएनवीआई का एडवांस्ड एनालिटिक्स, इंडो आर्कजीआईएस की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा जिसका पूरे भारत में व्यापक इस्तेमाल किया जाता है।
भारत ईएनवीआई की उपलब्धता से भारत में 6,500 से अधिक संगठनों से 12 लाख से अधिक आर्कजीआईएस यूज़र्स, आर्कजीआईएस वातावरण के भीतर ही शक्तिशाली ईएनवीआई इमेज प्रोसेसिंग टूल्स तक पहुंचने में समर्थ होंगे और स्थानीय डेटासेट, एनालिटिकल टूल्स और एआई क्षमताओं से लाभान्वित होंगे।”

