वायदा कारोबार 10 हजार तो भोपाल सराफा बाजार में 5 हजार रुपए टूटी चांदी
एवीएस न्यूज..भोपाल
गुरुवार को सफेद धातु चांदी में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। आमतौर पर सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली चांदी एमसीएक्स यानी वायदा कारोबार में एक ही दिन में करीब 10 हजार रुपए तक टूट गई। जबकि स्थानीय भोपाल सराफा बाजार में चांदी 5 हजार रुपए किलो टूटी।

इंट्रा-डे में चांदी 2,40,605 रुपए प्रति किलो तक फिसल गई: नवनीत
बाजार जानकार नवनीत अग्रवाल ने बताया कि एमसीएक्स पर मार्च 2026 एक्सपायरी वाला चांदी कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को 2,50,605 रुपए प्रति किलो पर बंद हुआ था, लेकिन गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही भारी दबाव में आ गया। इंट्रा-डे में चांदी 2,40,605 रुपए प्रति किलो तक फिसल गई। दोपहर के कारोबार में यह 2,43,911 रुपए पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से करीब 2.7 फीसदी नीचे है। जबकि स्थानीय भोपाल सराफा बाजार में बीते दिन बुधवार को चांदी 2 लाख 44 हजार रुपए किलो के भाव थी जो गुरूवार को 5 हजार टूट कर 2 लाख 39 हजार रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। स्थानीय सराफा बाजार में सोने का भाव बुधवार को 1 लाख 41 रुपए प्रति दस ग्राम था जो गुरूवार को 1 हजार कम होकर 1 लाख 40 हजार रुपए प्रति दस ग्राम बोला गया।

सप्लाई की कमी और मजबूत मांग ने तेजी को सहारा दिया था लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं
सराफा व्यापारी आनंद सोनी ने बताया कि इस तेज गिरावट ने दिसंबर 2025 की उस रिकॉर्ड तेजी की याद दिला दी है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 83.60 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। उस समय सप्लाई की कमी और मजबूत मांग ने कीमतों को सहारा दिया था लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं।
गिरावट से बढ़ी निवेशकों की चिंता
वायदा कारोबार में आए इस बड़े करेक्शन के बाद चांदी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि चांदी की हालिया तेजी थकती नजर आ रही है और कीमतें अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले स्तर पर पहुंच चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जहां सोना अब भी सुरक्षित निवेश बना हुआ है, वहीं चांदी की इंडस्ट्रियल और ज्वेलरी डिमांड पर दबाव बढ़ रहा है।
चांदी में बना रहेगा उतार-चढ़ाव
सप्लाई की बात करें तो खनन उत्पादन, रीसाइक्लिंग और अन्य धातुओं से मिलने वाली चांदी की उपलब्धता बढ़ रही है। 2025 में जहां चांदी की कमी 230 मिलियन औंस थी, वहीं 2026 में इसके घटकर 140 मिलियन और 2027 में सिर्फ 59 मिलियन औंस रहने का अनुमान है। इससे लंबी अवधि में कीमतों पर दबाव बन सकता है। कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में चांदी में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार के संकेतों को समझकर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

