जीएसटी व्यवस्था के तहत वाणिज्यिक वाहन संचालकों को आ रही परेशानियों से अवगत कराया

एवीएस न्यूज . भोपाल


 ट्रांसपोर्टरों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वाणिज्य कर आयुक्त, हरियाणा को ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (एआईएमजीटीए) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्याओं का समाधान करने और अनुपालन रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपने के निर्देश दिए हैं।


ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (रजि.) के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह से मुलाकात कर जीएसटी व्यवस्था के तहत वाणिज्यिक वाहन संचालकों को आ रही परेशानियों से अवगत कराया।


प्रतिनिधिमंडल में देवेंद्र सिंह, अरविंदर सिंह, पुनीत मेहता, नवीन गुरेजा और सिद्धांत गुरेजा शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने बताया कि जीएसटी जांच प्रक्रिया के दौरान कई बार बिना दस्तावेजों का मौके पर सत्यापन किए ही व्यावसायिक वाहनों को जब्त कर लिया जाता है।

उन्होंने कहा कि दस्तावेज सही होने के बावजूद वाहन कई दिनों तक छोड़े नहीं जाते, जिससे ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान, सप्लाई चेन में बाधा और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रतिनिधिमंडल ने निजी वाहन जब्ती यार्डों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इन स्थानों पर रोके गए चालकों को कई बार छत, पीने का पानी, भोजन और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं होती हैं। इसके अलावा, वाहन खड़े रखने के लिए  100 रुपए प्रति टायर प्रतिदिन तक पार्किंग शुल्क वसूले जाने से ट्रांसपोर्टरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।


बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तुरंत वाणिज्य कर आयुक्त से संपर्क कर एआईएमजीटीए प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने, शिकायतों की विस्तृत जांच करने और जल्द सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। एआईएमजीटीए ने मुख्यमंत्री और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के त्वरित हस्तक्षेप की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की संवेदनशीलता से ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है।

एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापार के अनुकूल जांच व्यवस्था लागू होने से ट्रांसपोर्टरों की परेशानियां कम होंगी। एसोसिएशन ने कहा कि परिवहन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। समस्याओं का समय पर समाधान होने से न केवल ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और देशभर में माल की सुचारु आवाजाही को भी मजबूती मिलेगी।