टैक्स लॉ बार एसोसिएशन की कार्यशाला: 50 लाख से ज्यादा की आय छिपाने पर 3 साल बाद भी नोटिस, परंतु आय से कोई संपत्ति नहीं बनाई तो नोटिस गलत
एवीएस न्यूज.भोपाल
आयकर की धारा 148 ए के अंतर्गत 50 लाख से ज्यादा की आय छिपाने पर 3 साल बाद नोटिस दिया जा सकता है परंतु अगर उस आय से कोई संपत्ति नहीं बनाई गई है तो नोटिस नहीं दिया जा सकता। यह बात वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट अंशुल अग्रवाल ने टैक्स लॉ बार एसोसिएशन द्वारा सदस्यों के लिए आयोजित की गई कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि निर्धारित सीमा से अधिक आय से संपत्ति या बैंक डिपॉजिट बनाना आवश्यक है नहीं तो दिया गया नोटिस गलत होगा।
उन्होंने बताया कि आयकर में कोई भी सूचना पत्र मिलने पर सर्वप्रथम यह देखना चाहिए कि वह नियमानुसार है या नहीं एवं उसे जारी करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेना अगर आवश्यक है तो वह अनुमति ली गई है या नहीं। किसी व्यक्ति द्वारा अपनी आय कम दिखाकर विवरणी प्रस्तुत की गई है एवं उसका कर निर्धारण हो गया है तो अगर वह निर्धारित कर एवं ब्याज की राशि का भुगतान कर देता है तो फार्म 68 भरने के बाद पेनल्टी के भुगतान से बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन कार्यवाही में विभाग द्वारा किसी तीसरे पक्ष के सबूत पर कर लगाया जा रहा है तो उस व्यक्ति का प्रति परीक्षण मांगना चाहिए और अगर विभाग द्वारा यह नहीं दिया गया तो ऐसा आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन होगा ।
इस कार्यशाला में संस्था के अध्यक्ष मृदुल आर्य , उपाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल , सचिव मनोज पारख, सहसचिव संदीप चौहान, कोषाध्यक्ष धीरज अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य संजय वर्मा, राजेश जैन, गोविंद वसंता उपस्थित रहे।

