एवीएस न्यूज. बेंगलुरु
लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Delhivery ने अपनी 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में कार्यरत लगभग एक लाख फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए ‘अभयम’ नामक व्यापक कल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किया है। यह पहल कंपनी के इन-फैसिलिटी एसोसिएट्स और लास्ट-माइल डिलीवरी राइडर्स को सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

कंपनी के अनुसार, ‘अभयम’ के तहत कर्मचारियों को 15 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आय सुरक्षा तथा दवाइयों पर विशेष छूट जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा कर्मचारियों की पत्नी और दो बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

परिवार और शिक्षा पर विशेष फोकस

कार्यक्रम के तहत कर्मचारियों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, व्यक्तिगत ऋण की सुविधा तथा पत्नी और बेटियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का मानना है कि परिवार की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण फ्रंटलाइन कर्मचारियों के समग्र कल्याण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

करियर और वित्तीय सशक्तिकरण को बढ़ावा

‘अभयम’ योजना में कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की सुविधा, उच्च शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता और अर्जित वेतन तक आसान पहुंच जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य कर्मचारियों की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और करियर विकास को बढ़ावा देना है।

डेल्हिवरी के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य मानव संसाधन अधिकारी Suraj Saharan ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में कंपनी के फ्रंटलाइन कर्मचारियों ने 5 अरब से अधिक शिपमेंट की डिलीवरी की है। उन्होंने कहा कि ‘अभयम’ कार्यक्रम उनके योगदान को सम्मान देने और उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वित्तीय जोखिम कम करने की पहल

कंपनी के अनुसार, फ्रंटलाइन कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं, लेकिन वे अक्सर स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों और दुर्घटनाओं के कारण वित्तीय संकट का सामना करते हैं। ‘अभयम’ के माध्यम से दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य सुरक्षा और आय संरक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर इस जोखिम को कम करने का प्रयास किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए इस प्रकार के व्यापक कल्याणकारी कार्यक्रम न केवल उनकी सामाजिक सुरक्षा बढ़ाएंगे, बल्कि उद्योग में रोजगार की गुणवत्ता सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।