एवीएस न्यूज.  भोपाल 
 खाद्य तेलों की कीमतों में एक बार फिर तेजी का दौर शुरू हो गया है। आयातित खाद्य तेलों की उपलब्धता में कमी, मानसून की देरी से तिलहनी फसलों की बुआई प्रभावित होने और उत्पादन को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण सोयाबीन, सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी (सनफ्लावर) और पाम ऑयल सहित लगभग सभी प्रमुख खाद्य तेलों के दामों में 5 से 6 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

व्यापारियों का मानना है कि यदि आयात और घरेलू आपूर्ति की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।


तेल ब्रोकर रमाकांत तिवारी के अनुसार राजधानी भोपाल के स्थानीय थोक जिंस बाजार हनुमानगंज और जुमेराती में खाद्य तेलों के भाव लगातार मजबूत बने हुए हैं। वर्तमान में सोयाबीन तेल 155 से 156 रुपए प्रति किलो, मूंगफली तेल 180 से 185 रुपए, सरसों तेल 185 से 190 रुपए, सनफ्लावर ऑयल 200 से 205 रुपए, पाम ऑयल 155 से 156 रुपए तथा वनस्पति घी 170 से 175 रुपए प्रति किलो के भाव पर कारोबार कर रहा है।

ब्रोकर तिवारी ने  कहा कि इस वर्ष कई क्षेत्रों में मानसून की देरी के कारण तिलहनी फसलों की बुआई का रकबा अपेक्षा से कम रहा है। इससे आगामी महीनों में घरेलू उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में आयातित खाद्य तेलों की सीमित उपलब्धता और ऊंची कीमतों का असर भी घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
 

खाद्य तेलों के दामों में और वृद्धि की संभावना 
तेल व्यापारी अपूर्व पवैया के अनुसार भारत खाद्य तेलों की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने या कीमतें बढ़ने का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। यदि मानसून की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और आयात सामान्य स्तर पर नहीं पहुंचा तो त्योहारी सीजन से पहले खाद्य तेलों के दामों में और वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


 तेजी का असर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर : पाली
होटल, रेस्टोरेंट , खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े कारोबारी और भोपाल होटल - रेस्टोरेंट व्यवसायी एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली एवं प्रेमनारायण यादव ने कहाकि बढ़ती कीमतों का असर आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर भी पड़ने लगा है।  लागत बढ़ रही है, जबकि खुदरा बाजार में भी खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है।  


 बाजार का रुख मजबूत बना हुआ है : प्रेमनारायण
प्रेमनारायण यादव ने कहा कि कमजोर मानसून की स्थिति को देखते हुए भारत में खाद्य तेलों की मांग और आयात बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल बाजार का रुख मजबूत बना हुआ है और निकट भविष्य में कीमतों में नरमी के संकेत नहीं दिख रहे हैं। जिससे पाम तेल को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है।