मप्र के छोटे उद्यमों को मिलेगा डिजिटल विकास का नया मंच


एवीएस न्यूज. भोपाल
मध्यप्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के सहयोग से वॉलमार्ट वृद्धि ने आइडियाज टू इम्पैक्ट फाउंडेशन (आई2आई) पर इंदौर में वॉलमार्ट वृद्धि एमएसएमई कनेक्ट-2026 का आयोजन किया। कार्यक्रम में 600 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के एमएसएमई इकोसिस्टम को मजबूत करना, डिजिटल अपनाने को बढ़ावा देना तथा छोटे उद्यमों को नए बाजारों और विकास के अवसरों से जोड़ना रहा।


वॉलमार्ट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, जनरल मर्चेंडाइजिंग एंड फैशन सोर्सिंग अनवीश गुप्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश का एमएसएमई क्षेत्र आर्थिक विकास, नवाचार और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के साथ साझेदारी के माध्यम से वॉलमार्ट वृद्धि उद्यमियों को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, कौशल विकास, मेंटरशिप और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।


मध्य प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि 'विकसित मध्य प्रदेश' के लक्ष्य को हासिल करने में मजबूत एमएसएमई सेक्टर की अहम भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2047 तक प्रदेश में एक करोड़ एमएसएमई स्थापित करने के उद्देश्य से 'समृद्ध योजना' लागू की गई है, जिसके माध्यम से उद्यमियों को कारोबार विस्तार, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  


 इन सरकारी विभागों और उद्योग संगठनों का सहयोग हुआ प्राप्त 
कार्यक्रम को स्टार्टअप एमपी, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, ट्राईफेड भोपाल, एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्य प्रदेश (एआईएमपी), फिक्की एफएलओ इंदौर तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एफआईईओ) सहित कई सरकारी विभागों और उद्योग संगठनों का सहयोग प्राप्त हुआ।
 
वर्ष 2028 तक 1.70 लाख एमएसएमई को व्यवसायिक सहयोग उपलब्ध कराने का लक्ष्य 
 जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश सरकार और वॉलमार्ट वृद्धि के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद से यह कार्यक्रम इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और देवास सहित प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है।

 ऑर्गेनिक आनंद के संस्थापक आनंद कश्यप ने प्रशिक्षण से मिली जानकारी के आधार पर तीन वर्षों में अपना मासिक कारोबार 30 हजार रुपए  से बढ़ाकर 10 लाख रुपए तक पहुंचाया। वहीं इंदौर की उद्यमी नैना चौरसिया ने अपने ब्रांड 'श्री श्रीजी' के कारोबार में दो वर्षों के भीतर 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वर्ष 2019 में शुरू हुए वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के तहत अब तक देशभर में 1.15 लाख से अधिक एमएसएमई को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

कार्यक्रम का लक्ष्य वर्ष 2028 तक 1.70 लाख एमएसएमई को प्रशिक्षण और व्यवसायिक सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकें।