भोपाल।   ड्राई फ्रूट्स के राजा” कहे जाने वाले बादाम में 15 आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं — जिनमें प्रोटीन, कैल्शियम, ज़िंक, आहार फाइबर, मैग्नीशियम और विटामिन E प्रमुख हैं। यह अनेक स्वास्थ्य लाभों के लिए जाने जाते हैं, जैसे ब्लड शुगर नियंत्रण, मांसपेशियों की रिकवरी, हृदय स्वास्थ्य और वज़न प्रबंधन। पोषक तत्वों से भरपूर और बेहद बहुमुखी, बादाम आपको दीवाली का आनंद स्वास्थ्य से समझौता किए बिना मनाने का अवसर देते हैं।

बॉलीवुड अभिनेत्री सोहा अली खान बताती हैं कि वह कैसे अपने परिवार के साथ त्योहारों का आनंद संतुलित और सजग तरीके से मनाती हैं  “दीवाली परिवार और दोस्तों के साथ मिलन और खुशियों का त्योहार है। एक माँ होने के नाते, मैं चाहती हूँ कि इनाया सभी उत्सवों का आनंद ले, लेकिन साथ ही स्वस्थ खाने की आदतें भी सीखे।

मैं उसे हमेशा यह सिखाने की कोशिश करती हूँ कि जो खाना हम खाते हैं, उसमें क्या-क्या शामिल होता है। मैंने हमारी दीवाली को और अधिक स्वस्थ बनाने का तरीका खोज लिया है — ज्यादा चीनी और कार्ब वाले खाद्य पदार्थों की जगह बादाम जैसे प्रोटीन-समृद्ध और पोषक तत्वों से भरपूर विकल्पों को अपनाकर। आहार फाइबर और प्रोटीन से भरपूर बादाम लंबे समय तक भूख नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, जिससे त्योहारों के दौरान होने वाला अनियंत्रित स्नैकिंग कम हो जाता है। आइए इस दीवाली, अपने प्रियजनों के साथ स्वास्थ्य और खुशियों की रोशनी मनाएँ — हर पौष्टिक कौर के साथ।”

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. मधुमिता कृष्णन भी इससे सहमत हैं और पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली में बादाम के महत्व पर प्रकाश डालती हैं — “आयुर्वेद में आहार (Aahara) को अच्छे स्वास्थ्य की नींव माना गया है। बादाम को सदियों से उनके दोष-संतुलन और जीवन शक्ति बढ़ाने वाले गुणों के लिए सराहा गया है। भारी मिठाइयों के विपरीत, जो कफ को बढ़ाकर शरीर में सुस्ती लाती हैं, बादाम बिना किसी नुकसान के तृप्ति प्रदान करते हैं।

आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी ग्रंथों में भी बादाम को त्वचा स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया गया है। इस दीवाली, पारंपरिक व्यंजनों में बादाम शामिल करना या इन्हें उपहार के रूप में देना, समग्र स्वास्थ्य के सिद्धांतों पर चलते हुए त्योहार मनाने का सरल और प्रभावी तरीका है।”


त्योहारी मौसम में पोषण संतुलन बनाए रखने के महत्व पर बात करते हुए, न्यूट्रिशनिस्ट ऋतिका समद्दार  रीजनल हेड ऑफ डायटेटिक्स मैक्स हेल्थकेयर, नई दिल्ली, ने कहा — “दीवाली के दौरान आमतौर पर अधिक कैलोरी और शक्कर से भरपूर खाद्य पदार्थ अधिक मात्रा में खाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हमें स्वाद या उत्सव से समझौता करना पड़े।
मुख्य बात यह है कि स्मार्ट विकल्प और स्वस्थ बदलाव किए जाएँ, जो पोषण बढ़ाएँ लेकिन स्वाद बनाए रखें।
बादाम त्योहारों के दौरान एक उत्कृष्ट विकल्प हैं — सिर्फ एक मुट्ठी बादाम संतुष्टि प्रदान करते हैं और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इससे कम स्वास्थ्यकर चीज़ों की अधिक मात्रा खाने की संभावना घट जाती है। मैं अपने मरीजों को हमेशा सलाह देती हूँ कि दीवाली के दौरान बादाम पास रखें — इन्हें त्योहार के बीच में स्नैक की तरह खाएँ, परिवारिक व्यंजनों में मिलाएँ ताकि पोषण बढ़े, या इन्हें पारंपरिक मिठाइयों के स्वस्थ विकल्प के रूप में उपहार दें।”


न्‍यूट्रीशन एवं वेलनेस कंसल्‍टेन्‍ट शीला कृष्‍णस्‍वामी ने सजग और संतुलित उत्‍सव मनाने के महत्‍व पर बल देते हुए कहा कि “ एक न्यूट्रिशनिस्ट के रूप में वह हमेशा लोगों को यह याद दिलाती हैं कि दीवाली खुशियाँ मनाने का पर्व है, लेकिन यह समय सोच-समझकर निर्णय लेने का भी होता है। मीठी कैंडीज़ और तले हुए स्नैक्स के बजाय ऐसे स्वास्थ्यवर्धक विकल्प चुनने चाहिए जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें और वज़न पर असर न डालें। प्रोटीन, फाइबर, विटामिन E, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस से भरपूर बादाम पारंपरिक व्यंजनों में स्वाद बनाए रखते हुए पोषण जोड़ने का उत्कृष्ट माध्यम हैं, जो इन्हें त्योहार के मौसम के लिए आदर्श विकल्प बनाता है। ICMR–NIN द्वारा जारी भारतीय आहार दिशानिर्देशों में भी बादाम जैसे मेवों को पौष्टिक और दैनिक सेवन के लिए सुरक्षित माना गया है। छोटे-छोटे बदलाव, जैसे रेसिपीज़ में बादाम शामिल करना, रिफाइंड शुगर की जगह खजूर का उपयोग करना या बादाम को स्नैक के रूप में लेना, आपको उत्सव का पूरा आनंद लेने में मदद करते हैं बिना लंबे समय के स्वास्थ्य लक्ष्यों से समझौता किए। मुख्य बात यह है कि उत्सव समझदारी से मनाएँ, न कि सीमाओं में बँधकर। इस वर्ष, प्रकाश के इस पर्व को ऐसे पलों के साथ मनाएँ जो स्वस्थ और आनंददायक दोनों हों। अपने त्योहार के व्यंजनों में कैलिफ़ोर्निया बादाम जोड़कर हर सभा को पोषक और खुशनुमा बनाया जा सकता है।