नवी मुंबई के आरसीपी से चलती है जियो की डिजिटल रफ्तार : 550 एकड़ का जियो संसार- एक कैंपस, हजारों तकनीकी दिमाग और करोड़ों कनेक्शन
तकनीक, सुरक्षा, हरियाली और अंबानी परिवार की कारोबारी विरासत एक ही परिसर में
मुंबई से आत्माराम सोनी
घनसोली की ओर बढ़ते हुए रिलायंस कॉर्पोरेट पार्क का विशाल परिसर जैसे-जैसे सामने आता है, वैसे-वैसे यह एहसास होने लगता है कि यह सामान्य कॉरपोरेट ऑफिस नहीं है। सैकड़ों एकड़ में फैला यह परिसर बाहर से जितना शांत और व्यवस्थित दिखाई देता है, भीतर की दुनिया उतनी ही तेज, तकनीकी और अत्याधुनिक है। करीब 550 एकड़ में फैला रिलायंस कॉर्पोरेट पार्क (आरसीपी ) रिलायंस समूह के सबसे महत्वपूर्ण कॉरपोरेट परिसरों में है। यहीं जियो प्लेटफार्म्स का कॉरपोरेट कार्यालय भी स्थित है।
परिसर में प्रवेश करते ही सबसे पहले जो चीज ध्यान खींचती है, वह है सुरक्षा का बेहद व्यवस्थित ढांचा। हर व्यक्ति और हर वाहन की आवाजाही नियंत्रित नजर आती है। विशाल परिसर होने के बावजूद कहीं अफरा-तफरी नहीं दिखती। ऐसा लगता है जैसे पूरा कैंपस अपने आप में एक अलग शहर हो, जिसके अपने रास्ते, अपने कार्यालय, अपनी सुविधाएं और अपनी कार्य-संस्कृति है।
हर गतिविधि में एक खास तरह की व्यवस्था
आरसीपी की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन को देखकर कई आगंतुक इसकी तुलना अनौपचारिक रूप से मिलिट्री कैंप जैसे अनुशासित परिसर से कर सकते हैं। हालांकि इसे आधिकारिक रूप से “मिलिट्री कैंप” कहना सही नहीं होगा। यहां सैन्य प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि अत्यधिक सुरक्षा वाला कॉरपोरेट कैंपस है।
हर गतिविधि में एक खास तरह की व्यवस्था दिखाई देती है। कौन कहां जा सकता है, किस क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति है और किस हिस्से तक सामान्य विजिटर की पहुंच है इन सबका स्पष्ट नियंत्रण महसूस होता है। यही सुरक्षा व्यवस्था इस जगह को सामान्य कॉरपोरेट पार्कों से अलग अनुभव देती है।
अंबानी परिवार की मौजूदगी का एहसास
आरसीपी की खासियत सिर्फ जियो की तकनीक नहीं है। इस परिसर से गुजरते हुए मुकेश अंबानी, आकाश अंबानी और ईशा अंबानी के नेतृत्व की छाप भी महसूस होती है। 2015 में जियो के शुरुआती दौर में मुकेश अंबानी के साथ आकाश और ईशा समेत शीर्ष नेतृत्व ने आरसीपी के पीसी /टीसी -22 स्थित ओपन-ऑफिस में काम किया। उस समय कंपनी ने पारंपरिक बंद केबिनों के बजाय खुली कार्य-संस्कृति को अपनाने पर जोर दिया था। यह विवरण अपने आप में दिलचस्प है। जिस कारोबारी समूह की पहचान आलीशान कॉरपोरेट संस्कृति से की जाती है, उसी के डिजिटल कारोबार में शीर्ष नेतृत्व के लिए भी “ओपन ऑफिस” की अवधारणा सामने रखी गई थी।

जियो एक्सपीरियंस सेंटर जहां पहुंचते ही बदल जाता है माहौल
जियो एक्सपीरियंस सेंटर जहां भविष्य को छूने का मिलता है मौका
कैंपस का सबसे आकर्षक हिस्सा जियो एक्सपीरियंस सेंटर है। यहां पहुंचते ही माहौल बदल जाता है। सामान्य ऑफिस की जगह स्क्रीन, डिजिटल इंटरफेस, कनेक्टेड डिवाइस और भविष्य की तकनीक का संसार दिखाई देता है। जियो ने एक्सपीरियंस सेंटर की अवधारणा के जरिए यह दिखाने की कोशिश की कि मोबाइल नेटवर्क सिर्फ फोन पर बात करने या इंटरनेट चलाने तक सीमित नहीं रहेगा। यही वह जगह है जहां जियो की असली महत्वाकांक्षा समझ में आती है।

आज जियो की कहानी सिर्फ 4जी या 5जी तक सीमित नहीं है। कंपनी डिजिटल सेवाओं, ब्रॉडबैंड, मनोरंजन, स्मार्ट डिवाइस और एआई जैसी तकनीकों की दिशा में लगातार विस्तार कर रही है। आरसीपी के भीतर का तकनीकी वातावरण इस बदलाव की एक झलक देता है। बाहर से देखने पर एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी का विशाल कार्यालय दिखाई देता है, लेकिन भीतर पहुंचने पर यह समझ आता है कि इसके पीछे हजारों इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ, नेटवर्क ऑपरेटर और डिजिटल सेवाओं से जुड़े लोग काम करते हैं।

नेटवर्क ऑपरेशन्स सेंटर जहां दिखाई देता है पूरे नेटवर्क का धड़कता दिल
इस परिसर की सबसे प्रभावशाली तकनीकी अवधारणाओं में नेटवर्क ऑपरेशन्स सेंटर है। विशाल स्क्रीन पर नेटवर्क की गतिविधियों और डेटा से जुड़े आंकड़ों की निगरानी की जाती है। यहां से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि देशभर में करोड़ों ग्राहकों तक पहुंचने वाले नेटवर्क के पीछे किस स्तर की तकनीकी व्यवस्था काम करती है।
मोबाइल फोन पर दिखाई देने वाला छोटा-सा नेटवर्क सिग्नल दरअसल डेटा सेंटर, फाइबर, रेडियो नेटवर्क, सॉफ्टवेयर और हजारों तकनीकी प्रक्रियाओं की एक लंबी श्रृंखला का परिणाम है। आरसीपी की एक खास बात यह भी है कि इतने बड़े कॉरपोरेट परिसर के बावजूद जगह-जगह हरियाली और खुले स्थान दिखाई देते हैं। यही विरोधाभास इसे दिलचस्प बनाता है एक तरफ विशाल आधुनिक कार्यालय और डिजिटल तकनीक, दूसरी तरफ पेड़-पौधों और खुले क्षेत्रों से घिरा वातावरण। ऐसा लगता है जैसे रिलायंस ने यहां कॉरपोरेट ऑफिस, टेक्नोलॉजी कैंपस और वर्क-लाइफ स्पेस को एक ही जगह मिलाने की कोशिश की हो।
सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात
आरसीपी को देखने या उसके बारे में जानने के बाद सबसे ज्यादा जो बात सामने आती है, वह इसका आकार नहीं बल्कि इसकी सोच है। यहां रिलायंस की पुरानी कारोबारी शक्ति और जियो की नई डिजिटल महत्वाकांक्षा एक साथ दिखाई देती है।
एक तरफ मुकेश अंबानी की स्थापित कारोबारी विरासत है, दूसरी तरफ आकाश और ईशा अंबानी जैसी नई पीढ़ी की नेतृत्वकारी भूमिका। और इन दोनों के बीच खड़ा है जियो,जिसने भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल का तरीका ही बदल दिया।

550 एकड़ में फैला यह परिसर दरअसल एक ऐसी कारोबारी सोच को दिखाता है जहां टेक्नोलॉजी, डेटा, कनेक्टिविटी और इंसानी प्रतिभा सब एक ही सिस्टम का हिस्सा हैं और जियो एक्सपीरियंस सेंटर उस पूरी कहानी का सबसे चमकदार अध्याय है।


