आने वाले मध्य प्रदेश के बजट से उम्मीदें : लंबित मास्टर प्लान को जमीन पर उतारे और मुफ्त की योजनाएं बंद करें, पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करें
एवीएस न्यूज. भोपाल
केंद्रीय बजट के बाद अब मध्य प्रदेश का बजट बुधवार यानी 18 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा से आगामी बजट (2026 -2027) पेश करेंगे। लेकिन इसके पहले बजट से राहत की उम्मीद लगाने वालें विभिन्न सेक्टरों के प्रतिनिधि और बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भोपाल का मास्टर प्लान वर्षों से लंबित है उसे जमीन पर उतारा जाए। इसके न आने से जमीनों की रजिस्ट्री मैं स्टांप ड्यूटी की दरें अनावश्यक रूप से बढ़ने से आम जनता को घर बनाना मुश्किल होता जा रहा है। साथ ही मोहन सरकार सबसे पहले मुफ्त योजनाएं बंद करें, जिस कारण प्रदेश के ऊपर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। छोटे रियल एस्टेट कारोबारियों को राहत देने के लिए सरकार को गाइडलाइन में कमी करनी चाहिए। बजट में सरकार को औद्योगिक गति की मजबूती पर जोर देना चाहिए। इसके साथ ही यह भी मांग उठी है कि मध्य प्रदेश में होटल उद्योग को राहत देने के लिए राज्य सरकार नीतिगत सुधारों और वित्तीय रियायतों की जोर दे।

प्रदेश के बड़े शहरों के विकास को लेकर सरकार को फोकस बढ़ाना चाहिए
प्रदेश के बड़े शहरों के विकास को लेकर सरकार को फोकस बढ़ाना होगा. प्रदेश में यूथ पढ़ने और नौकरी के लिए लगातार बाहर जा रहा है। केंद्र सरकार ने अपने बजट में इकोनॉमिक रीजन के लिए 5 हजार करोड़ दिए जाने का प्रावधान किया है। राज्य सरकार को इसको लेकर ज्यादा से ज्यादा बजट के लिए कोशिश करने चाहिए। मीक ने कहाकि किसी भी राज्य के लिए उसकी राजधानी उसका चेहरा होती है। राजधानी भोपाल का वैसा विकास नहीं हुआ है जैसा दूसरे राज्यों की राजधानी का हुआ है। राजधानी भोपाल का मास्टर प्लान ही सरकार अब तक नहीं ला सकी। सरकार को तत्काल मास्टर प्लान लाना चाहिए। मेट्रोपॉलिटन सिटी के हिसाब से इसमें बाद में संशोधन किए जा सकते हैं। प्रदेश में बड़े प्लेयर्स को लाने के लिए सरकार नई टाउनशिप पॉलिसी लेकर आई है, लेकिन छोटे रियल एस्टेट कारोबारियों को राहत देने के लिए सरकार को गाइडलाइन में कमी करनी चाहिए साथ ही पंजीयन शुल्क में भी कमी होनी चाहिए। इससे जमीनों के सौंदो में बढ़ोतरी होगी।
मनोज मीक
अध्यक्ष,क्रेडाई भोपाल

बजट में सरकार औद्योगिकीकरण की गति मजबूत करने जोर दें
प्रदेश सरकार का फोकस औद्योगिकीकरण ओर है। अत: आने वाले बजट में सरकार को औद्योगिक गति की मजबूती पर जोर देना चाहिए। निवेश के लिए आधारभूत ढांचा मजबूत रखना जरूरी होता है। इसलिए सरकार का बुनियादी ढांचे सड़क, औद्योगिक पार्क को विकसित करने के लिए प्रावधान करना होगा। इसके अलावा प्रदेश में चल रहे उद्योगों को भी टैक्स और बिजली बिल में रियायत दिए जाने पर विचार करना चाहिए।
राजेश जैन
पूर्व मंडी डायरेक्टर, मंडी बोर्ड मप्र एवं संचालक, विजय वल्लभ किसान सेवा केंद्र

ग्रामीण स्तर पर टैक्स व्यवस्था को मजबूत करने की मांग
मध्य प्रदेश सरकार की पर्यटन नीति 2025 के तहत 15 फीसदी से लेकर 30 फीसदी तक की पूंजीगत सब्सिडी दी जा रही है। इसके तहत राज्य में नए हेरिटेज होटल और स्टार होटलों की स्थापना, विस्तार पर 5 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी का प्रावधान है। मध्य प्रदेश और देश भर में होटल उद्योग ने केंद्र और राज्य सरकारों से नीतिगत सुधारों और वित्तीय रियायतों की जोरदार मांग की है। नए निवेश को आकर्षित करने और होटल के नवीनीकरण के लिए उच्च मूल्यह्रास और टैक्स छूट दी जाए। होटल निर्माण और संचालन के लिए आवश्यक अनुमतियों की संख्या और लागत को कम करने की मांग की गई है, ताकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिले।
तेजकुलपाल सिंह पाली
पूर्व अध्यक्ष, भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज

मुफ्त की योजनाएं बंद करें, लंबित मास्टर प्लान जमीन पर उतरे
सर्वप्रथम सरकार मुफ्त योजनाएं बंद करें, जिस कारण प्रदेश के ऊपर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। डीजल-पेट्रोल पर वेट कि दरें आसपास के राज्यों की तुलना में अधिक है, जिस कारण प्रदेश को राजस्व का नुकसान हो रहा है इन्हें कम किया जाना चाहिए। बिक्री बढ़ने से राजस्व का नुकसान नहीं होगा एवं प्रदेश की जनता को भी महंगाई से राहत मिलेगी। भोपाल का मास्टर प्लान वर्षों से लंबित है उसे जमीन पर उतारा जाए। इसके न आने से जमीनों की रजिस्ट्री मैं स्टांप ड्यूटी की दरें अनावश्यक रूप से बढ़ने से आम जनता को घर बनाना मुश्किल होता जा रहा है।
एडवोकेट मृदुल आर्य
अध्यक्ष टेक्स ला बार एसोसिएशन भोपाल

कामर्शियल टैक्स को समाप्त करने की घोषणा होना चाहिए
ऑनलाइन व्यापार से बढ़ रही चुनौतियों का असंगठित व्यापार समूह सामना नहीं कर पा रहा है और निरंतर बेरोजगारी के नए संकट सामने दिख रहा हैं। ऐसे में सरकार को स्वस्थ व्यापारिक प्रतियोगिता के लिए एक केंद्रीय डिजिटल व्यापारिक प्लेटफार्म बनाना चाहिए। जो रिटेल व्यापारियों के व्यापार को बढ़ाने में सहायक हो। दूसरी अपेक्षा यह है कि मध्य प्रदेश के सभी महानगरों में सघन स्पेशल इकोनामिक जोन का निर्माण मूलभूत सुविधा पार्किंग की सुविधा बड़े वाहनों के आवागमन की सुविधा के साथ हो के निर्माण की घोषणा होना चाहिए इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। कामर्शियल टैक्स को समाप्त करने की घोषणा होना चाहिए, यह दोहरे करा रोपण जैसा है।
नवनीत अग्रवाल
प्रदेश महामंत्री, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल

नवाचार एवं रोजगार मूलक बजट की अपेक्षा
प्रदेश में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है।उसे बड़ी समस्या युवाओं को रोजगार लायक बनाने की है।प्रदेश के पास सस्ता श्रम उपलब्ध है उसे प्रशिक्षित कर उसके स्किल का विकास कर देश में सबसे बड़े सेवा प्रदाता बन सकते है। नवाचार में प्रदेश कई राज्यों से पीछे है। भौगोलिक रूप से देश के मध्य में स्थित तथा प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न होने से प्रदेश में नवाचार अच्छे अवसर है उस पर कार्य किया जाना चाहिए। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग सर्वाधिक रोजगार देते हैं इसलिए एमएसएमई के लिए बजट में ज्यादा सुविधा दी जानी चाहिए और ईज आफ डूइंग बिजनेस में आ रही रूकावटों को दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिए ।
आरजी द्विवेदी
सलाहकार पीएचडी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

छोटे एमएसएमई के लिए अलग नियम बनें
सरकार मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही। सरकार को गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए। सरकार पिछले 5 सालों के दौरान सबसे तेज ग्रोथ करने वाले एमएसएमई को प्राथमिकता दे। सरकार को 10 करोड़ से टर्नओवर वाले एमएसएमई यूनिट के लिए नियमों में लचीलापन लाना होगा। 500 करोड़ के टर्नओवर वाले उद्योगों को एमएसएमई के रूप में 10-15 करोड़ वाले टर्नओवर वाली कंपनियों से तुलना नहीं की जानी चाहिए. छोटे उद्योगों को सरकार राहत दे।
योगेश गोयल
उद्यमी, गोविंद्रपुरा इंडस्ट्रीयल क्षेत्र

