एवीएस  न्यूज.नई दिल्ली
महाराष्ट्र के कोल्हापुर की कृषि उद्यमी अरुंधति पाटिल को महिला नेतृत्व वाली कृषि उद्यमिता और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित सीआईआई फाउंडेशन वुमन एक्ज़ेम्पलर अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है।


यह सम्मान भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीआईआई वार्षिक बिजनेस समिट में भाग लिया2026 के दौरान प्रदान किया। पुरस्कार के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए कृषि, जैविक खेती और सूक्ष्म उद्यमों के जरिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करने में पाटिल के योगदान को सराहा गया।


सीआईआई फाउंडेशन वुमन एक्ज़ेम्पलर अवार्ड देशभर में जमीनी स्तर पर सामाजिक परिवर्तन लाने वाली महिला नेताओं को सम्मानित करता है। इस वर्ष पूरे भारत से 340 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे, जिनमें से राष्ट्रीय निर्णायक मंडल ने चार महिला परिवर्तनकर्ताओं का चयन किया।


अरुंधति पाटिल को सूक्ष्म उद्यम श्रेणी में नर्सरी आधारित आजीविका मॉडल विकसित करने के लिए सम्मानित किया गया। उनके मॉडल ने ग्रामीण महिलाओं को पौध संवर्धन और जैविक खेती के माध्यम से स्थायी आय अर्जित करने में सक्षम बनाया है।

पाटिल ने महिलाओं को पूर्ण अंकुरण तकनीक के जरिए पौध उत्पादन का प्रशिक्षण दिया है। इस मॉडल के तहत प्रत्येक नर्सरी इकाई सालाना लगभग 5 से 6 लाख रुपये तक की आय अर्जित करने में सक्षम हो रही है। उनकी पहल महाराष्ट्र में महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यम के सफल मॉडल के रूप में उभरी है।
 

52 गांवों के करीब 45,000 किसानों को संगठित किसान समूहों से जोड़ा 
पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने 52 गांवों के करीब 45,000 किसानों को संगठित किसान समूहों से जोड़ा है। ये समूह जैविक खेती, सतत कृषि और बेहतर बाजार पहुंच को बढ़ावा दे रहे हैं। वर्मीकम्पोस्टिंग और जैविक खेती आधारित पहलों से 1,500 से अधिक महिला किसानों की आय में वृद्धि हुई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जमीनी स्तर की महिला नेता नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से समाज और अर्थव्यवस्था में स्थायी परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने ग्रामीण महिला उद्यमियों की भूमिका को भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया।

सीआईआई फाउंडेशन के अनुसार इस पुरस्कार का उद्देश्य वंचित समुदायों की उन महिलाओं की पहचान और सहायता करना है, जो समाज में उल्लेखनीय बदलाव ला रही हैं। पुरस्कार विजेताओं को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार के साथ क्षमता निर्माण सहायता भी प्रदान की जाती है तथा वे देशभर में कार्यरत 150 से अधिक महिला एक्ज़ेम्पलर के नेटवर्क का हिस्सा बनती हैं।