रायसेन जिले के बरेलीपिपरिया स्टेट हाईवे पर नयागांव में हुआ हादसा

भोपाल।

रायसेन जिले के बरेलीपिपरिया स्टेट हाईवे पर नयागांव में बना पुल ढहने से बड़ा हादसा हो गया। हादसा उस समय हुआ जब एक ट्रक पुल पार कर रहा था। ट्रक के गुजरते ही पुल पूरा का पूरा भरभराकर गिर गया और ट्रक के पीछे चल रही बाइक और स्कूटी सीधे नीचे जा गिरी। इस हादसे बाइक पर सवार जगदीश केवट और महेश केवट थे, वहीं, स्कूटी पर देवेंद्र धाकड़ पुल पार कर रहे थे। घायलों को गंभीर चोटों के साथ एम्स भोपाल रेफर किया गया। एम्स में इलाज के दौरान बाइक सवार देवेंद्र सिंह धाकड़ (35) की मौत हो गई। वह अपनी बहन की विदाई कर लौट रहा था। हादसे के बाद पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लापरवाही के चलते प्रबंधक .. खान को सस्पेंड कर दिया है। तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जो 7 दिन में रिपोर्ट देगी।

दो हालत गंभीर, डॉक्टरों की टीम जान बचाने में जुटी

एम्स डॉक्टरों की टीम जगदीश केवट और महेश केवट की जान बचाने की कोशिश कर रही है। सिर से लेकर रीढ़ तक कई जगह फ्रैक्चर, गहरे घाव और भारी रक्तस्राव ने उनकी हालत बेहद नाजुक बना दी है। डॉक्टर हर मिनट उनकी स्थिति मॉनिटर कर रहे हैं। एसडीओपी के.एस. मुकाती ने बताया कि इलाज के दौरान देवेंद्र की मौत हो गई है। अन्य घायलों में जगदीश केवट, महेश केवट और देवेंद्र लोधी शामिल हैं।

रिश्तेदार के घर जा रहे थे जगदीश और महेश

जगदीश केवट के बेटे कार्तिक ने बताया कि हादसे के समय पिता बाइक चला रहे और फूफा महेश केवट एक रिश्तेदार से मिलने जा रहे थे। कार्तिक के मुताबिक जैसे ही वे पुल पर पहुंचे, उनके आगे चल रहा ट्रक पुल पार करते ही पुल अचानक गिर गया। ट्रक तोबच गया, लेकिन पीछे से रही बाइक और स्कूटी नीचे जा गिरीं। नीचे पत्थरों और मलबे पर गिरने से दोनों को गंभीर चोटें आईं। उनके सिर, रीढ़, गर्दन और पैरों में कई जगह फैक्चर हुआ है। हादसे में नीचे गिरी स्कूटी पर सवार लोग भी घायल हुए हैं।

कांग्रेस के शासनकाल में बना था पुल

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह पुल कांग्रेस शासनकाल में बना था और इसकी मरम्मत चल रही थी। एमपीआरडीसी के एमडी से रिपोर्ट मांगी गई है और संबंधित इंजीनियर पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि इंजीनियरों के अनुसार ट्रैफिक रोकने जैसी स्थिति नहीं थी।

एमपीआरडीसी की लापरवाही पर सवाल

इस घटना को एमपीआरडीसी की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई। कलेक्टर भी अस्पताल पहुंचे और घायलों उनके परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।