जयभान सिंह पवैया बने वित्त आयोग के अध्यक्ष, समर्थकों और भाजपा नेताओं ने दी बधाई
एवीएस न्यूज ..भोपाल
मध्यप्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर और दायित्व संभालने पर समर्थकों और भाजपा नेताओं सहित जय किशन आहूजा, दिनेश यादव ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाए दी है। यह नियुक्ति राज्य के स्थानीय निकायों के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज नए राज्य वित्त आयोग का गठन किया, जिसमें जयभान सिंह पवैया को अध्यक्ष बनाया गया है। इस पद पर रहते हुए वे पंचायतों और नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और करों के बंटवारे से संबंधित सिफारिशें करेंगे। ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा राज्यपाल के आदेश पर वित्त विभाग राज्य वित्त आयोग के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
वित्त आयोग में जयपाल सिंह पवैया को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि केके सिंह सदस्य और वीरेंद्र कुमार सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। अन्य सदस्यों की नियुक्ति अलग से की जाएगी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत तथा मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार राज्यपाल द्वारा नए राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है।
इन कामों पर देगा अपनी सिफारिश
आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तिथि से 31 अक्टूबर 2026 तक कार्य करेंगे। आयोग का मुख्य कार्य पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करना होगा। आयोग राज्य के करों, शुल्कों, पथकरों और फीस से प्राप्त आय के राज्य एवं स्थानीय निकायों के बीच वितरण के सिद्धांत तय करेगा। साथ ही पंचायतों और नगरीय निकायों को मिलने वाले अनुदानों, वित्तीय सुधार उपायों और संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे पर सुझाव देगा।
इन मुद्दों पर भी देगा अपनी सिफारिशें
आयोग स्थानीय निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए कई अहम बिंदुओं पर अनुशंसाएं देगा, जिनमें भूमि कर एवं राजस्व के बंटवारे के प्रावधान, पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले कर का हिस्सा, पंचायतों व नगरीय निकायों की ऋण सीमा और पुनर्भुगतान व्यवस्था, स्थानीय निकायों के व्यय और आय के संतुलन के उपाय, जन-सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के सुझाव और पर्यावरण संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी संचालन के उपाय शामिल हैं। आयोग 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली पांच वर्ष की अवधि के लिए अपनी सिफारिशें राज्यपाल को प्रस्तुत करेगा।

