भोपाल में टावी प्रक्रिया से मरीज को मिला नया जीवन
एवीएस न्यूज.भोपाल
राजधानी भोपाल ने हृदय उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टरों ने गंभीर हृदय वाल्व रोग से पीड़ित 67 वर्षीय मरीज पर सफलतापूर्वक ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (टावी) प्रक्रिया की। यह प्रक्रिया बताती है कि राजधानी में एडवांस ट्रांसकैथेटर थेरेपी के बढ़ते उपयोग और जटिल हृदय रोगों के लिए कम मिनिमली इनवेसिव उपचार विकल्पों की उपलब्धता को और भी सुगम हो गई है।
इस प्रक्रिया का नेतृत्व सागर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, भोपाल के कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्वप्निल एस. गार्डे ने किया, जिन्होंने मिनिमली इनवेसिव ट्रांसकैथेटर तकनीक के माध्यम से मरीज का सफल उपचार किया। मरीज का हृदय संबंधी इतिहास काफी जटिल और पुराना था, जिसमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज, पहले हो चुकी कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्ट (सीएबीजी) सर्जरी, गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस और हृदय की पंपिंग क्षमता में कमी (इजेक्शन फ्रैक्शन लगभग 35 प्रतिशत) शामिल थे।
मरीज को गंभीर सांस फूलने और असहजता की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिससे उसका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था। विस्तृत जांच प्रक्रिया और इमेजिंग परीक्षणों के बाद मेडिकल टीम ने मरीज की हाई सर्जिकल रिस्क और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए टीएवीआई को सबसे उपयुक्त उपचार विकल्प माना। यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई, जिसके बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और उसे स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

