सरकार की सक्रियता और सरकारी घोषणाएं से साकार हो रही कमाल की जुबानी

भोपाल । राजधानी में क्रेडाई मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष मनोज मीक द्वारा चलाए गए ‘कमाल का भोपाल’ अभियान रंग लाने लगी है और इसके सुखद परिणाम भी दिखाई देने लगे है। क्योंकि भोपाल को क्षेत्र नीति, नवाचार और नागरिक ऊर्जा का केंद्र बनाने के लिए सरकारी घोषणाएं की जाने लगी है जो एक दीर्घकालिक नागरिक सोच का प्रतिफल हैं। ‘कमाल का भोपाल’ के फाउंडर मीक के अथक प्रयास के चलते राजधानी क्षेत्र में ग्रीन डेटा सेंटर, टेक नवाचार पार्क, रेल कोच कारखाना, तामोट औद्योगिक हब, विश्वस्तरीय विद्यालय ये सब परियोजनाएं उस ऐतिहासिक उत्तरदायित्व की पुनःस्थापना है जो भोपाल ने वर्षों से ओढ़े रखा है। फाउंडर मनोज मीक ने कहाकि कुछ समय पहले यह कहना कि राजधानी क्षेत्र में अति आधुनिक डेटा केंद्र स्थापित होंगे, मेट्रो कोच बनेंगे या यहां वैश्विक विद्यालय और शायद एक भावुक स्वप्न लगता था पर आज जब यह सब वास्तव में साकार हो रहा है तो यह मानना होगा कि कल्पना और क्रियान्वयन के बीच की दूरी बहुत कुछ नागरिकों की आस्था और सरकार की सक्रियता से तय होती है।
- भोपाल में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का बिग बैंग
हाइपरस्केल डेटा सेंटर, फिनटेक ग्रीन क्लस्टर, ड्रोन व यूएवी चिप्स, सेमीकंडक्टर यूनिट्स, पीसीबी निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क, एआई पार्क स्टार्टअप हब, स्मार्ट अर्बन इंफ्रा । यह सब सीधे ‘कमाल का भोपाल’ रिपोर्ट के क्लीन कंप्यूट कैपिटल, एआई लाइटहाउस सिटी, और कैपिटल इनोवेशन बेल्ट प्रस्ताव से मेल खाता है।
- ताजा घटनाएं कई दिशाओं से करती है राजधानी को प्रकाशित
राजधानी में नवाचार, सेमीचालक, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिकी क्षेत्र की इकाइयां जिनके बारे में अभी तक हम केवल हैदराबाद या बेंगलुरु की चर्चा करते थे। तामोट में रेल कोच निर्माण कारख़ाना जिसमें मेट्रो और वंदे भारत जैसे अति आधुनिक डिब्बे बनाए जाएंगे। ब्रिटेन की सदियों पुरानी शैक्षिक संस्था का पहला भारतीय परिसर जो शिक्षा और सांस्कृतिक साझेदारी की एक नई कहानी रच रहा है। यह सब उन मानचित्रों की पुष्टि है, जो ‘कमाल का भोपाल’ जैसी नागरिक पहलों ने विगत वर्ष प्रस्तुत किए थे।
- ये परियोजनाएं है आत्मनिर्भरता की भाषा
इस समय जबकि दुनिया व्यापारिक अवरोधों, टैरिफ नीति की लड़ाइयों और रणनीतिक निर्भरता से जूझ रही है, भोपाल जैसे शहरों का स्थान एक नए प्रकार के राष्ट्रीय स्वराज्य में बन रहा है डेटा स्वराज्य, उत्पादन स्वराज्य, और निर्णय स्वराज्य। एआई आधारित सेमीकंडक्टर और ड्रोन निर्माण भविष्य के उद्योग है, सुरक्षा और वैज्ञानिक संप्रभुता के औजार हैं। मेट्रो डिब्बों का निर्माण तकनीकी उत्पादन के साथ, आयात पर निर्भरता से मुक्ति का प्रतीक है। और नवाचार आधारित वैश्विक शिक्षा, मानव पूंजी का जागरण है।

