एवीएस न्यूज .हरिद्वार 


हरेला पर्व के अवसर पर हरिद्वार में ‘श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ का शुभारंभ किया गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वृहद पौधारोपण कार्यक्रम के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव और आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ केवल एक उद्यान या संस्थान नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी ज्ञान परंपरा को भविष्य से जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड को केवल हर्बल राज्य के रूप में नहीं, बल्कि आयुर्वेद, हर्बल ज्ञान, अनुसंधान और इको-इनोवेशन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस केंद्र से विद्यार्थी, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और ज्ञान प्राप्त करने वाले लोग प्रकृति और चिकित्सा विज्ञान के संबंधों को करीब से समझ सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह स्थान देश और दुनिया के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।


  वैश्विक स्वास्थ्य और पर्यावरण चेतना का आंदोलन: स्वामी रामदेव
स्वामी रामदेव ने कहा कि ‘श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ आचार्य बालकृष्ण की दूरदर्शी सोच और अथक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया का पहला जीवंत हर्बल उद्यान बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहां विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के औषधीय पौधों को एकत्रित किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल वनस्पतियों का संग्रह नहीं है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की चेतना का आंदोलन है। स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से यहां विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है।

 चिकित्सा पद्धतियों और 964 चिकित्सा विद्याओं का संगम
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि ‘हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ परंपरा और आधुनिकता, विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय का प्रतीक है। यहां वनस्पति विज्ञान आधारित नौ चिकित्सा पद्धतियों आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी, चाइनीज, जापानी, कोरियन, मिश्र, ग्रीक और तिब्बती चिकित्सा पद्धतियों के साथ विश्व की लगभग 964 चिकित्सा विद्याओं को समाहित किया गया है।


उन्होंने बताया कि 200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस हर्बल वर्ल्ड में जड़ी-बूटी उद्यान, फल उद्यान और नॉलेज पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। यह केंद्र छात्रों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और आयुर्वेद प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण अध्ययन स्थल बनेगा।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य चिकित्सा के ऐतिहासिक ज्ञान को दुनिया तक पहुंचाना और आयुर्वेद की ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में भी योगदान देगा। ‘श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ को आयुर्वेद, जैव विविधता, अनुसंधान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत की एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।