एएससीआई ने किया सालाना शिकायत रिपोर्ट 2025-26 में खुलासा: रियल एस्टेट और सट्टेबाजी विज्ञापन नियमों के उल्लघंन में सबसे आगे
एवीएस न्यूज.मुंबई
भारतीय विज्ञापन मानक परिषद(एएससीआई) की सालाना शिकायत रिपोर्ट 2025-26 में खुलासा हुआ है कि विदेशों से संचालित सट्टेबाजी (ऑफशोर बेटिंग) और रियल एस्टेट क्षेत्र विज्ञापन नियमों के उल्लंघन में सबसे आगे रहे।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में कुल 11,581 मामलों की जांच की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। ये मामले 9,841 विज्ञापनों से जुड़े थे और इनमें 98 प्रतिशत विज्ञापनों में बदलाव की आवश्यकता पाई गई।
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक 6,933 मामले ऑफशोर बेटिंग विज्ञापनों के खिलाफ दर्ज हुए। इसके बाद रियल एस्टेट (643 मामले), पर्सनल केयर (576), खान-पान (331) और ‘ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट’ का उल्लंघन करने वाले उत्पादों (274 मामले) का स्थान रहा। एएससीआई ने बताया कि जांच किए गए 93 प्रतिशत मामलों की पहचान उसकी सक्रिय निगरानी प्रणाली के जरिए हुई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म नियम उल्लंघनों का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरे, जहां 97.3 प्रतिशत विज्ञापन इंटरनेट पर पाए गए। इनमें 82 प्रतिशत विज्ञापन सोशल मीडिया पर प्रायोजित सामग्री के रूप में प्रसारित किए गए थे।
कुल डिजिटल उल्लंघनों में से लगभग 79.84 प्रतिशत मामले मेटा प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दर्ज किए गए।
एएससीआई के अनुसार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए अवैध सट्टेबाजी के प्रचार में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच इन्फ्लुएंसर्स द्वारा नियम उल्लंघन के 854 मामले सामने आए।
रिपोर्ट के अनुसार नियमों का स्वैच्छिक पालन 83 प्रतिशत से बढक़र 86 प्रतिशत हो गया। टीवी और प्रिंट मीडिया में यह अनुपालन दर 97 प्रतिशत रही। वहीं, 61 प्रतिशत मामलों में विज्ञापनदाताओं ने बिना विरोध के नोटिस मिलने पर विज्ञापनों को हटा लिया या उनमें बदलाव कर दिया।






