एवीएस न्यूज.  नई दिल्ली
अक्सर दंपति सोचते हैं कि आईवीएफ की शुरुआत पहले स्कैन से होती है, जब अपॉइंटमेंट नियमित होने लगते हैं, दवाइयों पर चर्चा शुरू होती है और उपचार की प्रक्रिया वास्तविक लगने लगती है। असल में आईवीएफ की तैयारी इससे पहले शुरू हो जानी चाहिए।

पहले स्कैन से पहले के कुछ हफ्ते दंपति को अपनी सेहत बेहतर करने, जरूरी जांच पूरी करने, संभावित समस्याओं को समय पर पहचानने और उपचार के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार होने का अवसर देते हैं।
 

डॉ. शिल्पी स्वेता, फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, भोपाल का कहना है कि आईवीएफ एक एडवांस फर्टिलिटी ट्रीटमेंट है, लेकिन यह केवल दवाइयों और स्कैन पर निर्भर नहीं करता। शरीर का वजन, हार्मोनल संतुलन, अंडाशय की क्षमता, स्पर्म हेल्थ, जीवनशैली, पोषण और भावनात्मक तैयारी, ये सभी बातें उपचार की योजना को प्रभावित करती हैं।


शुरुआत वजन और बीएमआई से करें
आईवीएफ से पहले बॉडी मास इंडेक्स, यानी बीएमआई, पर ध्यान देना जरूरी है। बीएमआई वजन और लंबाई के आधार पर शरीर की स्थिति समझने का एक तरीका है। बहुत अधिक या बहुत कम बीएमआई हार्मोनल संतुलन, अंडाशय की प्रतिक्रिया, दवाइयों की जरूरत और उपचार की योजना को प्रभावित कर सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि दंपति अचानक डाइटिंग या कठिन व्यायाम शुरू कर दें। संतुलित भोजन, पर्याप्त प्रोटीन, नियमित हल्की फिजिकल एक्टिविटी और अच्छी नींद शरीर को उपचार के लिए बेहतर आधार दे सकते हैं।
 

साइकिल शुरू होने से पहले आदतें बदलें
जीवनशैली की आदतों पर भी पहले से ध्यान देना जरूरी है। धूम्रपान महिला और पुरुष दोनों की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकता है। पुरुषों में यह स्पर्म काउंट, मोटिलिटी और स्पर्म क्वालिटी पर असर डाल सकता है। महिलाओं में यह अंडाशय की क्षमता और उपचार की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकता है। अल्कोहल को सीमित करना और कैफीन को डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखना भी आईवीएफ तैयारी का हिस्सा होना चाहिए। ये बदलाव उपचार शुरू होने के बाद नहीं, उससे पहले शुरू किए जाएं तो शरीर को बेहतर ढंग से तैयार होने का समय मिलता है।
 

जरूरी जांच समय पर पूरी करें
सप्लीमेंट और बेसिक हेल्थ चेक डॉक्टर से चर्चा करके शुरू करने चाहिए। महिलाओं को प्रेग्नेंसी प्लानिंग से पहले और प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों तक फॉलिक एसिड की सलाह दी जा सकती है। विटामिन डी की जांच भी उपयोगी हो सकती है, क्योंकि इसकी कमी आम है और डॉक्टर की सलाह से ठीक की जा सकती है। थायरॉइड, प्रोलैक्टिन, ब्लड शुगर और अन्य हार्मोनल जांच भी मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर कराई जा सकती हैं।
आईवीएफ की तैयारी में दोनों पार्टनर्स की जांच शामिल होनी चाहिए। फर्टिलिटी केवल महिला से जुड़ा विषय नहीं है। पुरुषों के लिए सीमेन एनालिसिस, यानी वीर्य विश्लेषण, आईवीएफ प्लानिंग से पहले एक जरूरी जांच है। इससे स्पर्म काउंट, मोटिलिटी और मॉर्फोलॉजी जैसी बातें समझी जाती हैं। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर तय कर सकते हैं कि आईवीएफ, आईसीएसआई या कोई और तरीका अधिक उपयुक्त रहेगा।


महिलाओं के लिए एएमएच, बेसलाइन अल्ट्रासाउंड, थायरॉइड और प्रोलैक्टिन टेस्ट के साथ उम्र, लक्षण और पिछली रिपोर्ट्स के आधार पर अन्य जांचों की सलाह दी जा सकती है। एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी, रूबेला और अन्य संक्रमणों की स्क्रीनिंग भी तैयारी का हिस्सा हो सकती है। पैप स्मीयर, हीमोग्लोबिन स्क्रीनिंग, एचपीसीएल या एचएसजी जैसी जांच केवल जरूरत होने पर डॉक्टर की सलाह से कराई जाती हैं।


पहले स्कैन से पहले यह चेकलिस्ट देखें
तैयारी का क्षेत्र    क्या करें
जीवनशैली    धूम्रपान बंद करें, अल्कोहल सीमित करें और कैफीन डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखें
रोजमर्रा की आदतें    समय पर सोएं, नियमित भोजन करें, पानी पर्याप्त पिएं और हल्की फिजिकल एक्टिविटी जोड़ें
पोषण    संतुलित भोजन, प्रोटीन, फॉलिक एसिड और डॉक्टर द्वारा बताए गए सप्लीमेंट पर ध्यान दें
महिला की रिपोर्ट्स    एएमएच, अल्ट्रासाउंड, थायरॉइड, प्रोलैक्टिन, शुगर और पुरानी उपचार रिपोर्ट्स साथ रखें
पुरुष फर्टिलिटी    सीमेन एनालिसिस पहले पूरा करें, ताकि स्पर्म हेल्थ की समीक्षा हो सके
मानसिक तैयारी    आईवीएफ के स्टेप्स समझें, सवाल लिखकर रखें और एक भरोसेमंद सपोर्ट पर्सन तय करें


मानसिक तैयारी भी जरूरी है

आईवीएफ के दौरान तनाव, सवाल और भावनात्मक दबाव महसूस होना सामान्य है। लेकिन तैयारी से यह प्रक्रिया थोड़ी अधिक व्यवस्थित और संभली हुई लग सकती है। दंपति को डॉक्टर से खुलकर बात करनी चाहिए, उपचार के चरण समझने चाहिए, काम और घर की जिम्मेदारियों की योजना पहले से बनानी चाहिए और घर में सहयोगी माहौल बनाना चाहिए। रोज सैर, योग, ध्यान, पूरी नींद और देर रात स्क्रीन टाइम कम करना भावनात्मक सेहत को बेहतर समर्थन दे सकता है।

छोटे बदलाव, बेहतर तैयारी
पर्यावरणीय जोखिमों को भी व्यावहारिक तरीके से कम किया जा सकता है। जहां संभव हो, ताजा और अच्छी तरह धुले फल-सब्जियां चुनें। खाने को प्लास्टिक डिब्बों में गर्म करने से बचें और बहुत अधिक प्रोसेस्ड फूड कम करें। ये छोटे कदम हैं, लेकिन उपचार से पहले शरीर की समग्र सेहत को बेहतर समर्थन देते हैं।
पहला स्कैन आईवीएफ का एक महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन वह तैयारी की शुरुआत नहीं होना चाहिए। उस समय तक जरूरी रिपोर्ट्स, जीवनशैली में बदलाव, महिला और पुरुष दोनों की फर्टिलिटी जांच और मानसिक तैयारी पहले से शुरू हो जानी चाहिए।