भीम पेमेंट्स ऐप ने Android और iOS पर UPI भुगतान के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन लॉन्च किया
एवीएस न्यूज.भोपाल
एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (NBSL), जो कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, ने आज BHIM पेमेंट्स ऐप पर UPI भुगतान के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर लॉन्च करने की घोषणा की। यह नया फीचर यूज़र्स को ₹5,000 तक के UPI लेनदेन को फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन के माध्यम से मंज़ूरी देने की सुविधा देता है, जिससे रोज़मर्रा के भुगतान तेज़, आसान और अधिक सुरक्षित हो जाते हैं। यह सुविधा वर्तमान में उन iOS और Android डिवाइस पर उपलब्ध है जो बायोमेट्रिक क्षमताओं को सपोर्ट करते हैं।
इस फीचर के साथ, BHIM यूज़र्स को हर बार भुगतान के लिए UPI PIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह उन स्थितियों में विशेष रूप से उपयोगी है जब यूज़र्स PIN भूल जाते हैं या गलत दर्ज कर देते हैं, जिससे भुगतान विफल हो सकता है। यह सुविधा पैसे भेजने, मर्चेंट QR स्कैन करने और ऑनलाइन ट्रांज़ैक्शन जैसे सामान्य उपयोग के मामलों में भी लागू होगी, जिससे डिजिटल भुगतान का अनुभव और अधिक सहज और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनता है।
ललिता नटराज, एमडी एवं सीईओ, NBSL ने कहा, “BHIM पेमेंट्स ऐप का उद्देश्य हमेशा से डिजिटल भुगतान को हर भारतीय के लिए सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाना रहा है। बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ, हम रोज़मर्रा के भुगतान को और आसान बना रहे हैं, साथ ही उनकी सुरक्षा और भरोसे को भी मज़बूत कर रहे हैं। फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक के माध्यम से भुगतान की पुष्टि करके, हम PIN पर निर्भरता कम कर रहे हैं और भुगतान को सीधे यूज़र से जोड़ रहे हैं। यह लाखों भारतीयों के लिए एक सहज और भरोसेमंद डिजिटल भुगतान अनुभव बनाने की दिशा में एक और कदम है।”
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन भुगतान में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत जोड़ता है। क्योंकि फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन प्रत्येक यूज़र के लिए विशिष्ट होते हैं और डिवाइस में सुरक्षित रहते हैं, इसलिए भुगतान सीधे यूज़र की पहचान से जुड़ा रहता है। इससे PIN साझा करने या गलत दर्ज करने जैसे जोखिम कम हो जाते हैं और यूज़र्स अधिक भरोसे के साथ लेनदेन कर सकते हैं। ₹5,000 से अधिक के लेनदेन के लिए UPI PIN की आवश्यकता जारी रहेगी, जिससे उच्च मूल्य के भुगतान के लिए अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
2025 में अमेज़न बिज़नेस ने भारत भर के व्यवसायों के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लाभ सुनिश्चित किए, जिसमें एमएसएमई को कैशबैक रिवॉर्ड्स, क्वांटिटी डिस्काउंट और एक्सक्लूसिव डील्स से लेकर एंटरप्राइज़ ग्राहकों ने बल्क प्राइसिंग और सहज जीएसटी-अनुपालन इनवॉइसिंग का लाभ उठाया, जिससे उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करने में मदद मिली। इसके अलावा, अमेज़न बिज़नेस ने उद्यम और एफएसएसएआई लाइसेंस धारकों के लिए अपनी पहुंच का विस्तार किया, जिससे भारत के 80% से अधिक एमएसएमई इकोसिस्टम के लिए डिजिटल प्रोक्योरमेंट के रास्ते खुल गए।

