एवीएस न्यूज .भोपाल


भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कॉन्वोकेशन समारोह में देशभर के कुल 10,390 नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने एक साथ सहभागिता की। यह आयोजन केंद्रीय स्तर पर एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें देशभर की सभी शाखाओं ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया।

इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी पहली बार आईसीएआई भोपाल शाखा को प्राप्त हुई। कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के प्रतिष्ठित मिंटो हॉल में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ भोपाल शाखा के सचिव सीए अभिषेक जैन द्वारा किया गया। इसके पश्चात शाखा अध्यक्ष सीए आदित्य श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए सभी अतिथियों, नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं उनके अभिभावकों का स्वागत किया तथा भोपाल शाखा को पहली बार इस गौरवशाली आयोजन की मेजबानी मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

इंदर सिंह परमार ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट देश की आर्थिक दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवा सीए केवल वित्तीय विशेषज्ञ नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति, पारदर्शिता एवं सुशासन के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने नव-योग्य सीए को ईमानदारी, नैतिक मूल्यों एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।


इस अवसर पर सीए अभय छाजेड़ ने भी नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, प्रोफेशन में उपलब्ध नई संभावनाओं एवं निरंतर सीखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को प्रोफेशन में उत्कृष्टता प्राप्त करने तथा आईसीएआई की गरिमा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

भोपाल शाखा में लगभग 80 नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने अपने माता-पिता के साथ समारोह में भाग लेकर उपाधि एवं प्रमाण-पत्र प्राप्त किए। समारोह भावनात्मक, प्रेरणादायी एवं गौरवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भोपाल शाखा के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व सचिव, वरिष्ठ सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। सभी अतिथियों एवं वरिष्ठ सदस्यों ने नव-योग्य सीए विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए पेशे की गरिमा एवं नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया।  

यह आयोजन नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक बना तथा आईसीएआई की गौरवशाली परंपरा को और अधिक सशक्त एवं प्रेरणादायी बनाने वाला साबित हुआ।