एवीएस न्यूज.भोपाल 
 सततता की दिशा में अपने प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए, नेस्ले इंडिया ने रिक्रॉन पैनल्स  के साथ सहयोग के माध्यम से प्लास्टिक सर्कुलैरिटी में निवेश किया है। नेस्ले इंडिया ने रिक्रॉन पैनल्स को उनकी वॉशिंग लाइन स्थापित करने में सहयोग प्रदान किया, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले ‘रीसाइकलैट’ —जो कि रीसाइकल्ड पैनल्स के लिए कच्चा माल है — की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। यह सहयोग अगले पाँच वर्षों में 1,00,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन में कमी लाने के साथ-साथ प्लास्टिक सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देगा। 

इस साझेदारी के तहत, रिक्रॉन नेस्ले इंडिया की ओर से पोस्ट-कंज़्यूमर प्लास्टिक कचरे का कलेक्शन, सेग्रीगेशन और अपसाइक्लिंग करेगा। रिक्रॉन के प्रत्येक टन अपसाइक्ल्ड उत्पाद से 4.15 टन कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन में बचत आती है। 

इस इनिशिएटिव पर बात करते हुए, नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री मनीष तिवारी ने कहा, “नेस्ले में हम लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि हमारी पैकेजिंग लैंडफिल में कचरे के रूप में न पहुँचे। रिक्रॉन पैनल्स की रणनीति सर्कुलर इकॉनॉमी समाधानों और एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी (ईपीआर) इनिशिएटिव को आगे बढ़ाने के हमारे मिशन के अनुरूप है। इसी कारण, हम रीसाइकल्ड उत्पादों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और इस प्रक्रिया में एमिशन को कम करने के उनके प्रयासों का समर्थन करते हुए प्रसन्न हैं।”

वर्ष 2014 में स्थापित, रिक्रॉन  एक सरकारी रूप से अधिकृत रीसाइकलर है, जो कठिनाई से रीसाइकल होने वाले मल्टी-लेयर प्लास्टिक कचरे के कलेक्शन, सेग्रीगेशन और अपसाइक्लिंग करने का काम करता है। नेस्ले इंडिया के साथ जुड़ाव के अलावा, रिक्रॉन को भोपाल नगर पालिका से पोस्ट-कंज्यूमर प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे की रीसाइक्लिंग के लिए 2 एकड़ ज़मीन भी मिली है।