भोपाल। स्थित एक सामाजिक उद्यम पीएपीएल ने जैविक, प्राकृतिक और बाजरा-आधारित उत्पादों के लिए देश के अग्रणी व्यापार मेले, बायोफैक इंडिया 2025 के 17वें संस्करण, में अपने जैविक और पुनर्याेजी खेती मॉडल का प्रदर्शन किया। यह तीन-दिवसीय आयोजन 30 अगस्त से 1 सितंबर तक इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुआ। पीएपीएल के लिए एक मुख्य उपलब्धि रही 30 अगस्त 2025 को एनसीओएल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर। यह सहकारी संस्था भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा स्थापित की गई है। यह समझौता पीएपीएल के प्रबंध निदेशक आशीष मोंडल और एनसीओएल के उनके समकक्ष विपुल मित्तल के बीच औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित हुआ।
इस साझेदारी को भारत में जैविक आंदोलन के लिए एक मील का पत्थर बताते हुए, आशीष मंडल ने कहा यह क्षण ऐतिहासिक है। किसानों को सिर्फ़ बाज़ार नहीं चाहिए, उन्हें मार्गदर्शन, व्यवस्था और भरोसे की भी ज़रूरत है। एनसीओएल के साथ हाथ मिलाकर हम इन सभी पहलुओं को एक साथ ला सकते हैं और सुनिश्चित कर सकते हैं कि छोटे किसान निष्पक्ष, पारदर्शी और टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने आगे कहा बायोफैक इंडिया ने हमें यह दिखाने के लिए एक बेहतरीन मंच दिया कि जब किसान, संस्थान और बाज़ार एक साथ आते हैं तो जैविक खेती एक विशिष्ट क्षेत्र से मुख्यधारा में आ सकती है।
एनसीओएल के एक प्रतिनिधि ने कहा हमारा लक्ष्य है कि जैविक खेती पूरे भारत में सुलभ और व्यावहारिक बने। पीएपीएल के साथ साझेदारी हमें ज़मीनी अनुभव को राष्ट्रीय स्तर के नेटवर्क से जोड़ने का मौका देती है। इससे हम उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच की दूरी घटा सकते हैं और किसानों को उचित लाभ दिला सकते हैं।
इस समझौते के अंतर्गत, पीएपीएल तकनीकी मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण, व्यवसाय विकास, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अनुपालन सहायता की जि़म्मेदारी निभाएगा। यह किसान उत्पादक संगठनों के साथ मिलकर उनकी दृश्यता बढ़ाएगा, उन्हें व्यापार मेलों में भाग लेने का अवसर देगा और आगे के बाज़ार से जोड़ने के लिए स्थायी नेटवर्क तैयार करेगा ताकि मूल्य और बाज़ार जोखिम को कम किया जा सके। वहीं दूसरी ओर, एनसीओएल व्यापक बाज़ार पहुंच खोलेगा, ब्रांडिंग को सशक्त बनाएगा और किसान समूहों को राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में जोड़ने के लिए ज़रूरी संस्थागत सहयोग प्रदान करेगा।