एफआरएनडी प्लेटफॉर्म ने बदली इलक्किया की जिंदगी, मिला प्यार, सहारा और आत्मनिर्भर बनने का अवसर
एवीएस न्यूज.नई दिल्ली
कभी अकेलेपन, भावनात्मक संघर्ष और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहीं 28 वर्षीय इलक्किया की जिंदगी में एक नया मोड़ तब आया, जब उन्होंने इंटरैक्ट ग्रुप के वॉयस-फर्स्ट सोशल डिस्कवरी प्लेटफॉर्म एफआरएनडी (FRND) से जुड़ने का फैसला किया। यह मंच उनके लिए सिर्फ नए लोगों से मिलने का जरिया नहीं बना, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और जीवनसाथी तक पहुंचने का माध्यम भी साबित हुआ।
जन्म के समय मां और कोविड-19 महामारी के दौरान पिता को खोने के बाद इलक्किया पूरी तरह अकेली पड़ गई थीं। रिश्तेदारों के साथ रहने के बावजूद उन्हें अपनापन नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने अपने दम पर जीवन जीने का फैसला किया। स्वभाव से संकोची होने और लोगों पर भरोसा करने में कठिनाई के कारण वे लंबे समय तक सामाजिक रूप से अलग-थलग रहीं।
इसी दौरान सोशल मीडिया पर एफआरएनडी प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इससे जुड़ने का निर्णय लिया। यहां उनकी मुलाकात कई ऐसे लोगों से हुई, जो अकेलेपन और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। बातचीत के जरिए उन्होंने न सिर्फ दूसरों को भावनात्मक सहारा दिया, बल्कि खुद भी जीवन में नया आत्मविश्वास हासिल किया।
एफआरएनडी पर ही उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई, जिसने भी अपने जीवन में गहरे व्यक्तिगत नुकसान का सामना किया था। दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा, एक-दूसरे के संघर्षों को समझते हुए दोस्ती हुई और यह रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदल गया। इसी वर्ष दोनों ने विवाह कर अपने रिश्ते को नई पहचान दी।
इलक्किया के लिए यह प्लेटफॉर्म आर्थिक रूप से भी मददगार साबित हुआ। एफआरएनडी से होने वाली आय की सहायता से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और आज वे एक प्रैक्टिसिंग एडवोकेट के रूप में अपने पैरों पर खड़ी हैं।
इलक्किया की यह कहानी बताती है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर जीवन की कठिन परिस्थितियों से उबरकर नई शुरुआत की जा सकती है। उनके लिए एफआरएनडी सिर्फ एक सोशल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि भरोसे, रिश्तों और आत्मनिर्भरता की नई राह साबित हुआ।






