एवीएस न्यूज. हैदराबाद 


 डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेट्रीज़ लिमिटेड अपनी सहायक कंपनियों सहित, जिन्हें सामूहिक रूप से “डॉ. रेड्डीज़” कहा जाता है), एक वैश्विक फार्मास्युटिकल कंपनी, ने आज ‘ओबेडा®’ ब्रांड नाम के तहत अपने इंजेक्टेबल सेमाग्लूटाइड के लॉन्च की घोषणा की। यह भारत में टाइप 2 डायबिटीज के प्रबंधन के लिए उन्नत GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट आधारित थेरेपी तक पहुंच का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. रेड्डीज़ जेनरिक सेमाग्लूटाइड के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी प्राप्त करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है। यह लॉन्च पेटेंट समाप्ति के साथ ही इस सेगमेंट में कंपनी की ‘डे-1’ एंट्री को रेखांकित करता है और भारत में मरीजों की अपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उसकी तत्परता को दर्शाता है।
ICMR-INDIAB अध्ययन के अनुसार, भारत दुनिया में डायबिटीज के सबसे बड़े बोझ वाले देशों में से एक है, जहां 10.1 करोड़ से अधिक वयस्क इस बीमारी से प्रभावित हैं। अध्ययन के अनुसार, डायबिटीज की व्यापकता 11.4% है, जबकि लगभग हर 10 में से 4 वयस्क पेट के मोटापे से ग्रस्त हैं। इसके अलावा, लगभग 13.6 करोड़ लोग प्री-डायबिटिक हैं, जिससे उनमें इस बीमारी के विकसित होने का उच्च जोखिम है। ऐसे परिदृश्य में, सेमाग्लूटाइड, जो एक GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट है, व्यापक उपचार योजना के हिस्से के रूप में उपयोग किए जाने पर ग्लाइसेमिक नियंत्रण में सुधार और वजन प्रबंधन में सहायता करने का वैश्विक स्तर पर सिद्ध रिकॉर्ड रखता है।


312 प्रतिभागियों को शामिल करते हुए किए गए हेड-टू-हेड फेज III क्लिनिकल अध्ययन में, डॉ. रेड्डीज़ के ओबेडा® ने प्रभावकारिता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं दिखाई (नॉन-इन्फीरियर) और इसकी सुरक्षा प्रोफाइल ओरिजिनेटर दवा के समान रही। इसने ग्लाइसेमिक कमी में समान परिणाम दिखाए। इसके अतिरिक्त, फास्टिंग ग्लूकोज नियंत्रण, भोजन के बाद (पोस्ट-प्रांडियल) ग्लूकोज नियंत्रण, तथा अध्ययन के अंत में चिकित्सीय ग्लाइसेमिक प्रतिक्रिया (HbA1c <7.0% प्राप्त करना) में भी समान परिणाम देखे गए। किसी भी एंटी-ड्रग एंटीबॉडी का पता नहीं चला और इसकी इम्यूनोजेनेसिटी प्रोफाइल भी ओरिजिनेटर दवा के समान रही।


API विकास एवं निर्माण, साथ ही फॉर्मुलेशन विकास पूरी तरह इन-हाउस किए जाने के साथ, ओबेडा® जटिल उत्पाद विकास और पेप्टाइड साइंस में डॉ. रेड्डीज़ की मजबूत क्षमताओं को दर्शाता है। यह कंपनी की पेप्टाइड तकनीक में एक दशक से अधिक की विशेषज्ञता और उच्च गुणवत्ता वाली, किफायती दवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने तथा भारत की बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है। GLP-1 थेरेपी के लिए अपनी भविष्य की योजनाओं के तहत, कंपनी पूरी तरह इंटीग्रेटेड API और फॉर्मुलेशन दृष्टिकोण अपनाने पर कार्य करेगी, जिसमें विकास और निर्माण दोनों इन-हाउस शामिल होंगे।


डॉ. रेड्डीज़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरेज़ इस्राएली ने कहा, “आज का यह लॉन्च हमारे लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत और वैश्विक बाजारों में महत्वपूर्ण उपचार क्षेत्रों में हमारे पोर्टफोलियो का विस्तार करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। GLP-1 थेरेपी में हमारी एंट्री जटिल उत्पाद विकास और पेप्टाइड साइंस में हमारी क्षमताओं को प्रतिबिंबित करती है। यह नवाचार और पहुंच को साथ लाकर स्वास्थ्य सेवा में एक विश्वसनीय भागीदार बनने के हमारे दृष्टिकोण को मजबूत करता है, जिससे उन्नत डायबिटीज उपचार न केवल उपलब्ध हों, बल्कि किफायती भी हों। फेज-1 लॉन्च के तहत, हम कई देशों में जेनरिक सेमाग्लूटाइड पेश करने का लक्ष्य रखते हैं और ‘वन प्रोडक्ट, वन क्वालिटी’ दृष्टिकोण के माध्यम से सभी बाजारों में समान उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


एम.वी. रमना, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ब्रांडेड मार्केट्स (भारत और उभरते बाजार), डॉ. रेड्डीज़, ने कहा, “देश में स्वीकृत पहला जेनरिक सेमाग्लूटाइड होने के नाते, आज की यह घोषणा हमारे विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण और भारत में उन्नत थेरेपी तक पहुंच बढ़ाने के हमारे लंबे प्रयासों को दर्शाती है। देश में तेजी से बढ़ते डायबिटीज बोझ को देखते हुए, हमारा उद्देश्य प्रभावी उपचार विकल्प उपलब्ध कराना और अधिक से अधिक मरीजों को वैश्विक स्तर पर स्थापित थेरेपी का लाभ दिलाना है। इस महत्वपूर्ण दवा का लॉन्च हमारे डायबिटीज पोर्टफोलियो को मजबूत करता है और क्रॉनिक मेटाबॉलिक बीमारियों से पीड़ित लोगों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के प्रति हमारी व्यापक प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है। GLP-1 थेरेपी हमारे लिए एक महत्वपूर्ण फोकस क्षेत्र है और हम विभिन्न मेटाबॉलिक संकेतों के लिए सभी फॉर्मेट्स में एक व्यापक पोर्टफोलियो विकसित करने की दिशा में कार्य करते रहेंगे।


डॉ. रेड्डीज़ का ओबेडा® इंजेक्शन 2 mg और 4 mg की डोज़ में उपलब्ध है और यह एक प्री-फिल्ड, डिस्पोजेबल पेन के रूप में आता है, जिसे त्वचा के नीचे सप्ताह में एक बार लगाया जाता है। इसके वितरण के दौरान कोल्ड-चेन की मजबूती सुनिश्चित की जाती है। प्रत्येक पेन दोनों डोज़ में कम से कम 4 साप्ताहिक डोज़ प्रदान करेगा। मरीज के लिए इसकी लागत ₹4,200 प्रति माह निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, 41 प्रतिभागियों पर किए गए एक ह्यूमन-फैक्टर्स अध्ययन में, जिसमें USFDA के ड्रग-डिवाइस कॉम्बिनेशन प्रोडक्ट्स के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लगभग 20 प्रमुख कार्य शामिल थे, ओबेडा® पेन ने उपयोग-प्रदर्शन के मामले में ओरिजिनेटर पेन के समान (नॉन-इन्फीरियर) परिणाम प्रदर्शित किए।

ओबेडा® के लिए अपने मरीज सहायता कार्यक्रम के तहत, डॉ. रेड्डीज़ ने SemaKare™ नामक एक व्यापक सपोर्ट सिस्टम विकसित किया है, जिसका उद्देश्य मरीजों की यात्रा को बेहतर और सुगम बनाना है। डिजिटल ऐप द्वारा समर्थित SemaKare™ ऑनबोर्डिंग गाइडेंस, फील्ड डिवाइस काउंसलर सहायता, इंजेक्शन ट्रेनिंग, टेली-सपोर्ट, थेरेपी अनुपालन मॉनिटरिंग आदि सुविधाएं प्रदान करता है, जिससे मरीजों के उपचार परिणामों में सुधार हो सके।
 

न्यूज़ सोर्स : लक्ष्य रखते हैं और ‘वन प्रोडक्ट, वन क्वालिटी’ दृष्टिकोण