एवीएस न्यूज.भोपाल 
शेयर बाजार, निवेश रणनीतियों और वित्तीय साक्षरता पर आधारित एक भव्य एवं अत्यंत सफल कार्यक्रम का आयोजन भोपाल में किया गया। यह कार्यक्रम केंद्रीय परिषद सदस्य सीए दुर्गेश काबरा एवं सीए अभय छाजेड़ के मार्गदर्शन तथा शाखा अध्यक्ष सीए अर्पित राय के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में निवेशकों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए आनंद राठी, चेयरमैन, आनंद राठी ग्रुप ने कहा कि शेयर बाजार धन सृजन का जरिया है, सट्टा नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निवेश तीन से पांच वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए अनुशासन और सही समझ के साथ किया जाए, तो इक्विटी बाजार फिक्स्ड डिपॉजिट या सोने जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों की तुलना में बेहतर रिटर्न देता है।


- भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार का भविष्य
सीए आनंद राठी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। आगामी 5 से 10 वर्षों में भारत की विकास दर मजबूत रहने की संभावना है, जिसका सकारात्मक प्रभाव शेयर बाजार पर पड़ेगा।
- निवेश बनाम सट्टा, भ्रांतियों का खंडन
उन्होंने कहा कि शेयर बाजार को सट्टा कहना गलत है। जोखिम तब बढ़ता है जब बिना पर्याप्त ज्ञान के अल्पकालिक ट्रेडिंग या एफएंडओ में प्रवेश किया जाता है। आम निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड के माध्यम से एसआईपी को उन्होंने सबसे सुरक्षित और प्रभावी माध्यम बताया। बचत- आय का 30 से 35 फीसदी नियमित रूप से बचाएँ।  बाजार आवंटन-बचत का कम से कम 25फीसदी शेयर बाजार में निवेश करें।  लचीलापन-आवश्यकता व जोखिम क्षमता अनुसार यह 50–80 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है।
- शिक्षा में वित्तीय साक्षरता पर ज़ोर
उन्होंने बचत, निवेश, रियल एस्टेट और शेयर बाजार को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता बताई। कॉलेजों में वेल्थ मैनेजमेंट क्लासेस के माध्यम से युवाओं को व्यावहारिक समझ देने पर भी बल दिया। सीए आनंद राठी ने कहा कि निवेश जागरूकता में मध्य प्रदेश को और आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने सीए समुदाय और मीडिया से मिलकर इन्वेस्टर एजुकेशन प्रोग्राम्स आयोजित करने का आह्वान किया।
- एनएसई और एसएमई के अवसर
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कृष्णनन अय्यर ने एनएसई एमर्जी प्लेटफॉर्म  पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मध्य प्रदेश की एसएमई कंपनियों के लिए सूचीबद्ध होने के बड़े अवसर हैं और एनएसई पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। आने वाले समय में बड़ी संख्या में एसएमई कंपनियों के सूचीबद्ध होने से निवेशकों को नए अवसर मिलेंगे।
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सेक्टोरल आउटलुक और निवेश रणनीति
सीए चंदन  तापड़िया ने चार्ट्स के माध्यम से बताया कि मोमेंटम और मजबूती वाले सेक्टर्स में बने रहना चाहिए। उनके अनुसार मेटल्स और पीएसयू बैंक बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, जबकि सोना और चाँदी अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद आकर्षक बने रह सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने एकमत से कहा कि सही जानकारी, वित्तीय शिक्षा और धैर्यपूर्ण दीर्घकालिक निवेश ही आर्थिक सुरक्षा और समृद्ध भविष्य की कुंजी है। कार्यक्रम को प्रतिभागियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।