एवीएस न्यूज.भोपाल 


 ओरिएंटल विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अंतर्गत गोबर-धन बायो-सीएनजी प्लांट का औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। यह प्लांट इंदौर नगर निगम द्वारा संचालित 14 टन प्रतिदिन गीले अपशिष्ट प्रसंस्करण प्रणाली पर आधारित है तथा इसका संचालन नेप्रा रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है।

यह संयंत्र एमआरएफ-1, ट्रेंचिंग ग्राउंड, नेमावर रोड, देवगुराड़िया, इंदौर में स्थित है। इस कार्यक्रम का संयोजन चैताली गंगवाल, सहायक प्राध्यापक (सिविल इंजीनियरिंग) द्वारा किया गया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सतत अपशिष्ट प्रबंधन एवं बायो-सीएनजी उत्पादन तकनीक की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। विद्यार्थियों ने गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, एनारोबिक डाइजेशन, गैस शुद्धिकरण, भंडारण एवं उपयोग प्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

विशेषज्ञों ने संचालन प्रक्रिया, सुरक्षा उपायों, पर्यावरणीय लाभ तथा परिपत्र अर्थव्यवस्था एवं स्वच्छ ऊर्जा में ऐसे संयंत्रों की भूमिका पर प्रकाश डाला। यह औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के मध्य एक प्रभावी सेतु सिद्ध हुआ।

यह कार्यक्रम कुलाधिपति  प्रवीण ठकराल, प्रो.चांसलर प्रो. (डॉ.) ध्रुव घई,  प्रो चांसलर  गौरव ठकराल,  चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) गरिमा घई,   कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अमोल गोरे, उप पंजीयक अजयेंद्र नाथ एवं विभागाध्यक्ष (सिविल इंजीनियरिंग) डॉ. चैतन्य मिश्रा के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।