कृषि आदान विक्रेता संघ का जिला स्तरीय सम्मेलन - व्यापारी संगठित नहीं हुए तो छोटे व्यापारियों के समक्ष उत्पन्न होगी व्यापार बंदी की नौबत
एवीएस न्यूज. .भोपाल
कृषि आदान विक्रेता संघ ने जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों की उपस्थिति में व्यापारियों को वर्तमान व्यापारिक परिस्थितियों, शासन के नए नियमों तथा संगठन की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत, प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण दुबे, प्रदेश सदस्यता प्रभारी विनोद जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
संगठित शक्ति ही व्यापारियों के अधिकारों की कर सकती है रक्षा : मानसिंह
प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत ने कहा कि वर्तमान समय में शासन द्वारा व्यापार से संबंधित कई सख्त कानून लागू किए जा रहे हैं, जिनके कारण व्यापारियों को भविष्य में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यापारी संगठित नहीं हुए तो छोटे व्यापारियों के सामने व्यापार बंद होने जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में संगठित शक्ति ही व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा कर सकती है।
ऑनलाइन व्यापार से लेन-देन बंद करें : रघुवंशी
राष्ट्रीय प्रवक्ता मध्य प्रदेश के प्रांतीय सचिव संजय रघुवंशी ने सम्मेलन मौजूद सभी व्यापारियों से कहा कि वह संगठन के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें, ऑनलाइन व्यापार से लेन-देन बंद करें और जिला संगठन, प्रदेश संगठन एवं राष्ट्रीय संगठन को मजबूत करें, तभी भविष्य में कृषि व्यापार को करना संभव होगा, वरना व्यापार बंद करना पड़ेगा।
रघुवंशी ने खाद बीज एवं कीटनाशक के नमूने फेल होने पर व्यापारियों की बचाव के उपाय एवं अन्य कानून की जानकारी देते हुए बताया कि ऑल इंडिया संगठन एवं प्रदेश संगठन द्वारा पिछले 7 सालों में जो कार्य किए गए हैं वह आगे भी जारी रहेंगे। मध्यप्रदेश के सदस्यता अभियान प्रभारी विनोद जैन ने खाद बीज और कीटनाशक विक्रेताओं की ओर से मांग की है कि यदि कोई एक बीज या दवाई का एक लाट फेल होता है तो उसी को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए ना कि पूरा लाइसेंस को इससे पूरा व्यापार और परिवार डिस्टर्ब हो जाता है। इसके अलावा सीड एक्ट एवं पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल में जो नए प्रावधान किया जा रहे हैं उन पर प्रदेश संगठन के व्यापारियों की सुझावों पर अमल करते हुए तत्काल संशोधन करें तभी उसे प्रदेश में लागू किया जा सकेगा अन्यथा व्यापारी एकत्र होकर इसका पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे।

