पूर्व महामंत्री की हठधर्मिता और अति महत्वाकांक्षा की बदौलत न सिर्फ चेंबर के विधान को बल्कि व्यापारियों के प्रतिष्ठा को पहुंचाई ठेस
चेंबर के सदस्य बोले- महामंत्री की बदौलत चेंबर की कार्यकारिणी के हुए दो फाड़ और उत्पन्न हुए संस्था के चुनाव में मौजूदा हालात
एवीएस न्यूज ..भोपाल
राजधानी के 70 से अधिक व्यापारिक संगठनों की शीर्ष संस्था भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई)क े चुनाव को लेकर बाजार में शहर के दो दिग्गज पूर्व अध्यक्ष एवं व्यवसायी तेजकुलपाल सिंह पाली और कांग्रेस नेता एवं उद्योगपति गोविन्द गोयल जहां चेंबर के त्रैवार्षिक (2026-2029) चुनाव में अपनी-अपनी प्रतिष्ठा को अपनी-अपनी प्रतिष्ठा को व्यापारिक संस्था के इस चुनावी रण में दांव लगाए हुए हैंं। लेकिन करीब साढ़े तीन महीने पूर्व अति महत्वाकांक्षा के वशीभूत चेंबर के पूर्व महामंत्री ने न सिर्फ चेंबर के विधान की धज्जियां उड़ाई,व्यापारियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई,बल्कि चेंबर के संपूर्ण कार्यकारिणी को दो फाड़ कर दिया। यह कहना है कि भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के व्यापारिक सदस्यों का। सदस्यों का कहना है कि व्यापारियों प्रतिष्ठित संस्था बीसीसीआई के चुनाव में जो मौजूदा हालात देखने को मिल रहे हैं सिर्फ पूर्व महामंत्री की हठधर्मिता का नतीजा है।
दमखम, दबाव और जोर अजमाईश, लेकिन चेंबर के इतिहास पर जरूर नजर डालें
चेंबर के वरिष्ठ सदस्य अरविंद जैन ने कहा कि भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव 1 तारीख को होने जा रहे हैं,स्वाभाविक है कि चुनावी रण में चुनाव लड़ रहे दोनों दल अपना-अपना दमखम, दबाव और जोर अजमाईश आजमाएंगे, लेकिन चेंबर के मेंबरों में मेरी अपील है कि अपना वोट देने के पहले चेंबर के इतिहास पर जरूर नजर डालें।
कोर्ट-कचहरी के बाद आई थी मृत संस्था में नई जान
अरविंद जैन के अनुसार स्वयं मैंने जब माधुरी शरण अग्रवाल भोपाल चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष थे, तब चेंबर की मेंबरशिप ली थी और सच कहूं तो माधुरी शरण अग्रवाल और फिर संतोष अग्रवाल के कार्यकाल के बाद तो चेंबर मानो सो गया था, सालों तक किसी ने इसकी सुध नहीं ली। ललित जैन ने तो चेंबर के अध्यक्ष गद्दी संभालते ही संस्था की प्रतिष्ठा को धूमिल करना शुरू किया और चेंबर की ऐसी स्थिति निर्मित कर दी व्यापारियों का चेंबर से मोह ही भंग गया। चेंबर में क्या हो रहा है, क्या नहीं हो रहा है शहर के व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपना ध्यान ही हटा लिया। लेकिन जब चार साल पूर्व चेंबर के चुनाव हुए और कोर्ट-कचहरी के बाद चेंबर की अध्यक्षता तेजकुलपाल सिंह पाली और उनकी टीम ने तो व्यापारियों की इस मृत संस्था में नई जान आई।

पाली की अध्यक्षता में पूर्व टीम ने चेंबर को प्रगतिशील बनाया और शहर व्यापारियों को माधुरी शरण अग्रवाल,संतोष अग्रवाल के कार्यकाल की याद दिलाई
प्रगतिशील पैनल के तले चुनाव जीतने वाली चेंबर की टीम ने पाली की अध्यक्षता में चेंबर की कार्यप्रणाली को न सिर्फ गति दी, बल्कि चेंबर को प्रगतिशील भी बनाया। चेंबर की धूमिल प्रतिष्ठा पूर्व अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली की कार्यप्रणाली की बदौलत जब संस्था की खोई हुई प्रतिष्ठा वापस लौटी तो शहर के व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों को प्रतिनिधियों को पूर्व अध्यक्षों माधुरी शरण अग्रवाल,संतोष अग्रवाल के कार्यकाल याद आई।

हठधर्मिता का नमूना चार माह पूर्व अध्यक्ष के इस्तीफा देने के बाद देखने कोमिला
चेंबर के मेंबर अरविंद जैन ने कहाकि भोपाल जैसे शहर में जहां अब कम से कम चार लाख व्यापारी अलग-अलग व्यवसाय में काम कर रहे हैं वहां कुल 2230 लोगों के सदस्यों वाली चेंबर अगर फिर के अति महत्वाकांक्षी और हठधर्मिता से ओत-प्रोत लोगों के हाथों में चली गई तो क्या सच में व्यापारियों ,व्यापार जगत के लिए बेहतर होगा। जिसका नमूना चार माह पूर्व तेजकुलपाल सिंह पाली के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद देखने को मिला।
अति महत्वाकांक्षा के वशीभूत लोगों चेंबर में मचाई थी खींचतान मचाई
अति महत्वाकांक्षा के वशीभूत महामंत्री ने चेंबर में इतनी खींचतान मचाई कि, सालों से मृतप्राय संस्था को जीवंत करने वाले और संस्था मान प्रतिष्ठा के साथ आर्थिक रूप से मजबूत करने वाले, भोपाल में सदस्य संख्या बढ़ाने वाले पूर्व अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली को मजबूर होकर यह सोचकर इस्तीफा देने को मजबूर होने पड़ा, कि महत्वाकांक्षा के वशीभूत कुछ पदाधिकारियों में थोड़ी समझ आए।
अति महत्वाकांक्षा वशीभूत लोगों ने संपूर्ण कार्यकारिणी के दो फाड़ कर दिया
अरविंद जैन ने कहाकि यह बात किसी से नहीं छिपी है कि वह कौन से विध्न संतोषी थे, जो नहीं चाहते कि भोपाल की यह संस्था अपने व्यापारियों के हित में कुछ करें। हठधर्मिता और अति महत्वाकांक्षा वशीभूत लोगों ने चेंबर के विधान कि ना सिर्फ धज्जियां उड़ाई,बल्कि व्यापारियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई, इतना ही चेंबर की संपूर्ण कार्यकारिणी के दो फाड़ कर दिए।
अच्छा काम करने वालों को, जो काम नहीं करने देंगे, वह अगर आए तो संस्था का पुन: मरण होना निश्चित
जैन ने कहा कि लगातार 2 वर्षों तक प्रतिदिन, प्रति हफ्ता या महीने में चेंबर की कोई ना कोई गतिविधि की सूचना व्यापारियों तक नहीं पहुंची हो। अत: मैं चेंबर के मेंबरों से सिर्फ इतना आग्रह कर रहा हूं किं अच्छा काम करने वालों को, जो लोग काम नहीं करने देंगे, वह अगर भविष्य में भी इस संस्था में चुनकर आए तो इस संस्था का पुन: मरण होना निश्चित है।
नकारात्मक सोच वालों को बाहर करने का अवसर भी मिल रहा है
अरविंद जैन ने कहा कि मैं किसी व्यक्ति विशेष के लिए वोट की अपील नहीं कर रहा हूं, परंतु अच्छा काम करने वाले का यदि हमें चुनाव करने का अवसर मिल रहा है और नकारात्मक सोच वालों को बाहर करने का अवसर भी मिल रहा है तो हमें निश्चित तौर पर अपने वोट का प्रयोग करके अपनी संस्था के हित में काम करना चाहिए। अत: सभी विशिष्टों से आग्रह करूंगा कि किसी व्यक्ति विशेष के प्रभाव में ना आकर संस्था के लिए जो उचित हो, जो संस्था के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हो, उन्हीं लोगों को वोट दें। जब तक व्यापारियों की संख्या नहीं बढ़ेगी, चेंबर के सदस्यों की संख्या नहीं बढ़ेगी, चेंबर के हितार्थ कार्य और व्यापारियों के साथ खड़ा होने वाला व्यक्ति नहीं आएगा, तब तक व्यापारियों की कहीं कोई सुनवाई नहीं होगी।

पाली समर्थित परिवर्तन पैनल के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन
भोपाल। राजधानी के व्यापारियों की शीर्ष संस्था चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आगामी चुनाव के लिए मतदान जो 1 फरवरी 2026 को होगा के लिए त्रैवार्षिक चुनाव को लेकर भोपाल शहर व्यापरिक जगत और उद्योग जगत में चुनावी सरगर्मियां काफी बढ़ गई है।
मतदान पूर्व चुनाव के दूसरे चरण में तेजकुलपाल सिंह पाली समर्थित प्रगतिशील पैनल के चुनाव कार्यालय का भव्य शुभारंभ हमीदिया रोड स्थित होटल रंजीत के परिसर में किया गया। इस मौके पर सर्व समाज के सभी गणमान्य जन उपस्थित हुए।
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार पाली ने पाली ने कहा कि परिचय नहीं अनुभव की पहचान होनी चाहिए। वर्षों से व्यापार की जमीन पर काम करते हुए चुनौतियां देखी हैं जो आज हर व्यापारी महसूस करता है। अनुभव, साफ छवि और संतुलित नेतृत्व ही उनकी पहचान रही है। भोपाल के व्यापार के हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता केवल शब्दों में नहीं, कार्यों में दिखाई देती है।

