प्रतिबंध के बावजूद सड़क किनारे खुले में बेच रहे मांस-मछली
मांस के अवशेष छोड़ कर जाने से फैल रही गंदगी, लोगों पर लपकते हैं कुत्ते
शिवनारायण सोनी, भोपाल
प्रदेश के मुखिया ने जब 2023 में सीएम पद की शपथ ली थी, तब उन्होंने पहला काम यही किया कि शहर में खुले में मांस मछली न बेची जाएं। शुरुआत में ताबड़तोड़ कार्रवाई भी की गईं, इन दुकानों पर हरे पर्दे भी लगा दिए गए। मांस मछली का विक्रय आड़ में होने लगा। लोगों को लगा कि अब सुशासन आ गया है। लेकिन ये सिलसिला ज्यादा दिन नहीं चल सका। दरअसल, जैसे ही मुख्यमंत्री प्रदेश के विकास में व्यस्त हुए खाद्य एवं जिला प्रशासन के अमले का ध्यान भी इस ओर से हट गया। आज आलम यह है कि हर जगह खुलेआम मांस-मछली का विक्रय किया जा रहा है और कोई इन्हें न रोकने वाला है न देखने वाला। अब इसका नतीजा यह कि दुकानदार खुले में मांस के अवशेष छोड़ रहे हैं और उनका सेवन करने वाले कुत्ते उन्हें खा रहे हैं और इधर-उधर फैला भी रहे हैं। इसके अलावा, ये कुत्ते मांस न मिले तो खूंखार भी हो जाते हैं जो राहगीरों की ओर लपकते हैं।

हालांकि नगर निगम की गाइड लाइन के अनुसार खुले में सड़क किनारे, गली-मोहल्ले, बिना छत-दीवार वाली जगह पर मांस, मछली या अंडे बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित कर रखा है। इतना ही नहीं, खुले में मांस-मछली बेचने पर जुर्माना, दुकान सीलिंग या लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई का भी प्रावधान है। इसके बावजूद भेल क्षेत्र के कई इलाकों में खुले में मांस-मछली और अंडे की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है और नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। भेल क्षेत्र के आनंद नगर, खजूरीकलां रोड जंबूरी मैदान में सड़क किनारे बिना पर्दा के मांस (मीट) और मछली बेचा जा रहा है। ये विक्रेता मांस का विक्रय कर उनका अवशेष वहीं फेंक कर चले जाते हैं, जिससे गंदगी फेल रही है। इसके साथ ही आवारा कुत्तों का झुंड भी जमा हो जाता है, जो वहां से गुजरने वाले राहगीरों पर लपकते हैं, जिससे लोगों में भय बना रहता है। इधर, सावरकर सेतु के पास भी सड़क किनारे खुले में मछली का विक्रय किया जा रहा है और कोई भी जिम्म्ोदारा इन्हें देखने या रोकने वाला नहीं है।

इधर, आनंद नगर में मेट्रो और फ्लाई ओवर निर्माण कार्य के चलते सड़क किनारे बनी दुकानों को तोड़ दिया गया है। इन दुकानदारों में कुछ मांस (मीट) विक्रेता भी थे, जो अब सड़क किनारे ठेला लगाकर खुले में मांस का विक्रय कर रहे हैं। ये सभी विक्रेता नियमों को ताक पर रखकर विक्रय कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि खुले में मांस का विक्रय करने से लोगों को यहां से आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। नगर निगम को रोक लगाना चाहिए या उन्हें यहां से कहीं ओर शिफ्ट करना चाहिए। कुछ अन्य लोगों का कहना है कि हम दुकानदारों को पर्दा लगाने के लिए कहते हैं तो वे विवाद करने को तैयार हो जाते हैं। ऐसे में अब नगर प्रशासन को ही कार्रवाई करना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी न हो।
यह हैं नियम...
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिसंबर 2023 से ही खुले में सड़क किनारे, गली-मोहल्लों में मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। यह मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम अधिनियम के तहत है। बिना अनुमति या लाइसेंस के खुले में बेचना अवैध माना जाता है। दुकानदारों को एफएसएसएआई गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी है, जिसमें अपारदर्शी दरवाजे लगाना, साफ-सफाई और लाइसेंस होना शामिल है।
लापरवाही पर जरूर कार्रवाई की जाएगी
पूरे शहर में निगम का स्वास्थ्य अमला स्वास्थ्य विरोधी गतिविधियों को लेकर रोज कार्रवाई कर रहा है। स्पॉट फाइन, चैकिंग मुहिम नियमित चल रही है। अगर कहीं लापरवाही है तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।
संस्कृति जैन, आयुक्त, नगर निगम

