ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 जमीनी स्तर पर लागू करने विशेष सम्मेलन...
महापौर, आयुक्त, पार्षद होंगे लीड फेसिलिटेटर्स, 4 केटेगिरी में कचरा कलेक्शन सिस्टम को मजबूत बनाने दिए सुझाव, नए नियमों पर प्रजेंटेशन देखा
विपक्ष के पार्षदों ने नाले-नालियों व रात्रिकालीन सफाई, कर्मचारियों की कमी, पालिथीन के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का मामला उठाया
परिषद अध्यक्ष बोले- पार्षदों के सुझावों पर होगा अमल, नए नियमों को धरातल पर पहुंचाने की सभी की जिम्मेदारी
महापौर बोलीं- 20 जून तक जोन समिति की बैठक बुलाएं सभी 21 जोन के जोन अध्यक्ष, आयुक्त को सौंपे रिपोर्ट

एवीएस न्यूज, भोपाल।
शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से मंगलवार को आईएसबीटी सभागार में निगम परिषद का विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें महापौर, निगम आयुक्त, परिषद अध्यक्ष और पार्षद शामिल हुए। बैठक में शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर चर्चा की गई। इस दौरान नए नियमों को लेकर प्रेजेंटेशन भी दिया गया, जिसमें कचरा संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण की नई व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की गई। इसके बाद हुई चर्चा में विपक्ष के पार्षदों ने नाले-नालियों व रात्रिकालीन सफाई, संसाधनों की कमी, कर्मचारियों की कमी, पालिथीन के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का मामला उठाया और सुझाव दिए।
सम्मेलन में स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी अतुल खरे ने नए नियमों पर प्रजेंटेशन देते हुए बताया कि जिला समिति की निगरानी में काम होगा। इसके अध्यक्ष कलेक्टर होंगे और महापौर, आयुक्त, पार्षद लीड फेसिलिटेटर्स घोषित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि खुले में कचरा फेंका या जलाया तो निगम सख्ती करते हुए जुर्माना करेगा। उन्होंने 4 केटेगिरी में कचरा कलेक्शन सिस्टम को मजबूत बनाने की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में मप्र देश के टॉप तीन राज्यों में शामिल है।

विपक्षी पार्षदों ने कमियों पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में सदन में मौजूद मोहम्मद सरवर, योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, मो. रियाज, शिरीन खान, अजीजउद्दीन ने पॉलीथिन को प्रतिबंधित करने, नाले-नालों की सफाई में लापरवाही और संसाधनों की कमी की बात कही।
पार्षदों ने अपनी पीढा सुनाई, राजेंद्र चौकसे बोले- मैं हताश हूं
पार्षद विलास राव घाड़गे ने वार्ड में कर्मचारियों की संख्या कम होने और सफाई के कामों में दिक्कत होने की बात कही। पार्षद देवांशु कंसाना ने कहा कि वार्ड की एक झुग्गी से आंधी की वजह से गिरा पेड़ छह दिन में उठा। यदि एक छोटे से काम में इतना वक्त लगेगा तो समझ सकते हैं कि काम की रफ्तार कितनी है? इससे मैं हताश हूं।

महापौर ने रखा अपना पक्ष
महापौर मालती राय ने कहा कि रात्रिकालीन सफाई कहां होती है? ये फील्ड में जाने वाले पार्षदों को पता होता है। उन्होंने सभी 21 जोन समितियों के अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे 20 जून तक अपने-अपने क्षेत्रों में बैठक आयोजित करें।
परिषद हाल में एसी बंद, कूलर—पंखे चले, गर्मी से हुआ बुरा हाल
परिषद हाल में मौजूद पार्षदों सहित सभी लोग गर्मी से बेहाल दिखे। कई पार्षद तो एजेंडे की प्रति से हवा करते नजर आए।
परिषद अध्यक्ष बोले- पालिथीन पर प्रतिबंध लगना चाहिए
निगम परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि पालिथीन पर प्रतिबंध लगना चाहिए। पार्षदों के सुझावों पर अमल होगा।






