एवीएस  न्यूज .मुंबई

 कुछ रिश्ते मिसाल बन जाते हैं और कुछ मिसालों का बोझ बनकर रह जाते हैं। इस भाव को जीवन्त करते हुए कलर्स प्रस्तुत करता है ‘महादेव एंड संस’, एक दिलचस्प पारिवारिक ड्रामा जो निषिद्ध प्रेम से जन्मा है और जीवनभर के परिणामों से आकार लेता है।

कहानी का मंच है हरदोई का मंदिर नगर, जहाँ महादेव-एक अनाथ जो बाजपेयी परिवार में नौकर बनकर आया था-समय के साथ नगर का सबसे सम्मानित और धनी व्यक्ति बन गया। अपने मालिक की बेटी विद्या से उसका निषिद्ध प्रेम विद्या से सब कुछ छीन ले गया। उसका घर, उसका नाम और उसकी विरासत। अपमानित और त्यागी गई इस जोड़ी ने अनुशासन और परंपरा के सहारे, ईंट दर ईंट अपनी जिंदगी को फिर से बनाया, कटुता के बजाय गरिमा को चुना।

यह त्याग की यात्रा धीरे-धीरे एक घनिष्ठ, खुशहाल परिवार में बदल गई, जहां दिन की शुरुआत और अंत साझा भोजन, मंदिर दर्शन, उत्सव और अनकहे संस्कारों से होता है। महादेव केवल परिवार का मुखिया ही नहीं बल्कि एक स्नेही पति और गर्वित पिता (तीन पुत्र और दो पुत्रियाँ) है, जो मानता है कि परिवार को साथ मिलकर काम करना चाहिए, पूजा करनी चाहिए और उत्सव मनाना चाहिए।
सम्मानित मुखिया अपने बनाए सुख को बचाने के लिए दृढ़ है, भले ही इसका अर्थ प्रेम के बजाय हानि के भय से शासन करना हो,क्योंकि इस सामंजस्य के नीचे एक पुराना घाव है जो भरने से इंकार करता है। महादेव एंड सन्स के सामने रहती है विद्या की बड़ी बहन भानु, जिसकी अनसुलझी नाराजगी इस परिपूर्ण दिखने वाली दुनिया पर लंबी छाया डालती है। अपने प्रेमकथा की कीमत से दबे और इतिहास दोहराने के डर से महादेव अपने बच्चों के लिए एक अटूट नियम बनाता है-प्रेम विवाह वर्जित हैं।

उसके नियम परिवार को साथ रखते हैं, लेकिन कीमत पर बच्चे उसका पालन करते हैं, पर भीतर ही भीतर विकल्प, आवाज और भय रहित प्रेम की चाह रखते हैं। और उनमें सबसे छोटा बेटा धीरज है, जो सबसे अधिक विद्रोह करने वाला है। क्या वह प्रेम, जिसके लिए महादेव ने कभी समाज से लड़ाई लड़ी थी, अब वही शक्ति बनेगा जो उसके परिवार की एकता की परीक्षा लेगा? महादेव एंड संस की दुनिया में कदम रखें, जिसमें शक्ति आनंद महादेव के रोल में, स्नेहा वाघ विद्या के रोल में, मानसी साल्वी भानु के रोल में और आसिम खान धीरज के रोल में हैं। यह हर सोमवार से शुक्रवार रात 09.30 बजे सिर्फ कलर्स और जियो हॉटस्टार पर आता है।