गायत्री मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का मूल मंत्र स्वस्थ जीवन-सफल जीवन : डॉ. जीआर अड़लक
अस्पताल का लक्ष्य विश्व स्तरीय देखभाल प्रदान करके मरीजों का सफल उपचार सुनिश्चित कराना है
गायत्री मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ.जीआर अड़लक ने हृदय रोग की बढ़ती समस्या आधुनिक जीवनशैली की आदतों को लेकर चिंता जताई
हृदय रोग अब यह केवल बुजुर्गों में ही नहीं, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा
आत्माराम सोनी. भोपाल
राजधानी के रायसेन रोड स्थित पटेल नगर में संचालित गायत्री मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल जो, कि ओरिएंटल कॉलेज के सामने स्थित है 24/7 आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए तत्पर है। मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल सामान्य चिकित्सा, स्त्री रोग, लैप्रोस्कोपी और पल्मोनोलॉजी के साथ हृदय रोग की बढ़ती समस्या जैसी कई विशेषज्ञताएं प्रदान करने के साथ न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स और गायनेकोलॉजी जैसे विभिन्न मल्टीस्पेशलिटी की सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराता हैं। गायत्री मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य अपने मरीजों को उत्कृष्ट, किफायती और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, जिसमें समाजसेवा के तौर पर नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी शामिल है, जैसा कि उन्होंने आयुष्मान भारत के तहत किया है। अस्पताल का लक्ष्य विश्व स्तरीय देखभाल प्रदान करके मरीजों का सफल उपचार सुनिश्चित करना है।

डॉ.जीआर अड़लक, डायरेक्टर गायत्री मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
चिंता जताई : हृदय रोग अब यह केवल बुजुर्गों में ही नहीं, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा, खराब खान-पान
मरीजों का सफल उपचार सुनिश्चित करने और विश्व स्तरीय देखभाल प्रदान करके का लक्ष्य निर्धारण करने वाले अस्पताल गायत्री मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ.जीआर अड़लक ने हृदय रोग की बढ़ती समस्या आधुनिक जीवनशैली की आदतों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहाकि हृदय रोग अब यह केवल बुजुर्गों में ही नहीं, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहाकि खराब खान-पान और नींद की आदतें, व्यायाम की कमी, तंबाकू और शराब का सेवन, तनाव, अधिक समय तक मोबाइल या टीवी का उपयोग, और अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ ये सभी युवा और मध्य आयु वर्ग में हृदय रोग बढऩे के मुख्य कारण हैं।

जीवनशैली में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें
उन्होंने कहाकि हर व्यक्ति को इन जोखिमों को कम करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि भविष्य में हृदय रोग का सामना न करना पड़े । किसी भी जीवनशैली में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना और कुछ जरूरी स्वास्थ्य जांच करवाना आवश्यक है, जैसे शुगर टेस्ट, थायरॉयड (टीएसएच), एचबीए1सी (ग्लूकोज), किडनी टेस्ट (आरएफटी), लीवर टेस्ट (एलएफटी), लिपिड प्रोफाइल, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट चेक करना। यदि किसी जांच में असामान्यताएं पाई जाए, तो दवाइयाँ केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें। डॉक्टर की अनुमति के बिना दवाइयों को कभी बंद या कम न करें।
5 दिन कम से कम 30-45 मिनट तेज चलने का प्रयास करना चाहिए
डॉ. जीआर अड़लक ने कहाकि जब स्वास्थ्य संबंधी सभी पैरामीटर नियंत्रित हो जाएं तो मरीज धीरे-धीरे नियमित व्यायाम शुरू कर सकते हैं और साथ ही व्यायाम का समय और तीव्रता बढ़ा सकते हैं। लोगों को सप्ताह में कम से कम 5 दिन, 30-45 मिनट तेज चलने का प्रयास करना चाहिए। व्यायाम सुबह खाली पेट या शाम को करना चाहिए, लेकिन भारी भोजन के बाद नहीं। खाने के बाद हल्की 5-10 मिनट की वॉक पाचन में मदद कर सकती है। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की दवा लेनी होती है, वे सुबह की वॉक से पहले हल्का नाश्ता (जैसे चाय और बिस्कुट) कर सकते हैं, जबकि डायबिटीज़ के मरीज अपनी दवाइयां व्यायाम के बाद, नाश्ते से 5 मिनट पहले लें। तेज या अत्यधिक व्यायाम से बचना चाहिए। स्वस्थ आहार में घर का बना भोजन, ताजे फल, सब्जियाँ, दालें शामिल हों और जंक फूड या तली तली-भुनी, फास्ट फूड से बचना चाहिए।

- तनाव कम करने के लिए गहरी सांस लेना, योग और ध्यान जैसी तकनीकें भी फायदेमंद हैं
उन्होंने कहाकि प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले मोबाइल का उपयोग न करें और अच्छी नींद के लिए रात 10.30 बजे सोने और सुबह 6 से 6.30 बजे उठने की आदत डालें। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए तम्बाकू और शराब का पूरी तरह से परहेज करें। तनाव कम करने के लिए गहरी सांस लेना, योग और ध्यान जैसी तकनीकें भी फायदेमंद हैं। नमक और तेलयुक्त भोजन का सेवन कम करना चाहिए। रोज की वॉक के अलावा, पेशेवर निगरानी में हल्की वेट ट्रेनिंग मांसपेशियों की कमजोरी रोकने में मदद कर सकती है, खासकर मध्य आयु और बुजुर्गों में।
- डॉक्टर की सलाह लेकर हम हृदय रोग के जोखिम को कर सकते हैं कम और जी सकते हैं लंबा, स्वस्थ जीवन
गायत्री मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. जीआर अड़लक ने कहाकि हमारा हृदय स्वास्थ्य हमारे हाथ में है। नियमित वार्षिक जांच, ब्लड टेस्ट, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम ये हृदय रोग से बचाव के मुख्य उपाय हैं। इन आदतों को अपनाकर और समय पर डॉक्टर की सलाह लेकर हम हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकते हैं और लंबा, स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

अस्पताल में है नवीनतम उपकरणों के साथ एक सहायक और मैत्रीपूर्ण स्टाफ
उल्लेखनीय है कि गायत्री मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में नवीनतम चिकित्सा जानकारी और उपकरणों के साथ एक सहायक और मैत्रीपूर्ण स्टाफ है, जो विश्व स्तरीय देखभाल और मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसके अलावा यहां बीमा सुविधाएँ में अस्पताल के 20 से अधिक बीमा प्रदाताओं जैसे आयुष्मान भारत, सीजीएचएस, ईएसआईसी, और एचडीएफसी एर्गो के साथ कैशलेस और पेपरलेस उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराता हैं।

