कृषि आदान विक्रेता संघ का प्रतिनिधिमंडल ने की कृषि सचिव से मुलाकात
एवीएस न्यूज..भोपाल
मध्य प्रदेश कृषि आदान विक्रेता संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत के नेतृत्व में कृषि सचिव निशांत बरवड़े से मुलाकात कर ई-विकास प्रणाली में आ रही विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाता है तो आगामी खरीफ सीजन में प्रदेश के व्यापारी ई-विकास प्रणाली को पूर्ण सहयोग देंगे।
प्रदेश सचिव संजय रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन ने व्यापारियों को हो रही परेशानियों को बिंदुवार तरीके से सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया, जिस पर कृषि सचिव ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।बैठक में खाद कंपनियों द्वारा की जा रही जबरन टैगिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी टैगिंग को अपराध घोषित किया जाए तथा टैगिंग करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था लागू की जाए। इस पर कृषि सचिव ने आश्वासन दिया कि योगी मॉडल की समीक्षा कर उसे जल्द ही मध्य प्रदेश में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल को यह भी आश्वासन मिला कि प्रदेश में वर्तमान 70:30 अनुपात व्यवस्था को बदलकर 30 प्रतिशत सहकारी समिति और 70 प्रतिशत निजी क्षेत्र के पक्ष में करने का प्रयास किया जाएगा।
डीलर मार्जिन के संबंध में सचिव ने बताया कि केंद्र सरकार से पत्राचार शुरू कर दिया गया है और व्यापारियों की समस्याएं फर्टिलाइजर सचिव तक पहुंचा दी गई हैं।
बैठक में किसानों को पड़ोसी जिले की तहसील से खरीद का विकल्प उपलब्ध कराने, अधिकतम 50 बैग की सीमा हटाने के लिए केंद्र को पत्र लिखने तथा लंबित लाइसेंस बहाली के मौखिक आदेश जारी करने जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। साथ ही ई-विकास प्रणाली में खाद नहीं दिखने, एमआरपी में अंतर जैसी तकनीकी समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया गया।

