मप्र का पहला टेक्सटाइल रिसायकल प्लांट जलकर खाक, 150 टन से ज्यादा टेक्सटाइल कचरा जला
भेल सहित 11 फायर स्टेशन की 50 से ज्यादा दमकलें रात भर आग बुझाने में लगी रहीं, फायर फाइटर्स ने की मशक्कत
रातभर गाड़ियों की आवाजाही और शायरनों की आवाज से क्षेत्र में रहा दहशत का माहौल
गोविंदपुरा में ट्रांसफर स्टेशन परिसर में लगी यूनिट में लगी आग बुझाने का काम सुबह आठ बजे तक चला
परिसर के पीछे टेक्सटाइल कचरे के ढेर से 9 घंटे बाद भी निकलता रहा धुआं 
रविवार देर रात 12.30 लगी आग थी आग, दोपहर 12 बजे तक दमकलों की आवाजाही जारी रही 
आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं, निगम आयुक्त ने प्लांट के कर्मचारियों से की पूछताछ


एवीएस न्यूज, भोपाल।
राजधानी के भेल क्षेत्र के अन्ना नगर गोविंदपुरा में नगर निगम के ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार-रविवार करीब 11.30 बचे देर रात आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटे करीब 50 फीट ऊपर उठती रही, और धुएं का गुबार असमान पर छा गया था। यह मप्र का पहला टेक्सटाइल रिसायकल प्लांट था जो जलकर पूरी तरह खाक हो गया। यहां लगी मशीनरी भी झुलस गई। यही नहीं रिसाइयल होने के लिए प्लांट के पीछे मैदान में रखा 150 टन से ज्यादा टेक्सटाइल कचरा पूरी तरह से जलकर खाक हो गया। फायर ब्रेगेड की रातभर की मशक्कत के बाद रविवार सुबह आग पर काबू पाया जा सका। शहर के भेल सहित 11 फायर स्टेशन से करीब 50 से ज्यादा दमकल और पानी के टैंकरों से आग बुझाने के लिए पानी डाला गया। रात भर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की आवाजाही और शायरनों की आवाज से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा। यही नहीं नगर निगम के इस प्लांट से 10 मीटर की दूरी पर ही अन्ना नगर झुग्गी बस्ती है। बस्ती के लोग भीषण आग की दहशत से पूरी रात जागते रहे। रविवार को दोपहर करीब 12 बजे तक दमकलों की आवाजाही चलती रही। रविवार शाम तक कपड़े के ढेर में लगी आग पूरी तरह बुझ नहीं पाई, उससे धुआं उठता रहा। हालांकि आग कैसे लगी इसकी जानकारी अभी तक नहीं लग सकी है। निगम का फायर अमला, वरिष्ठ अधिकारी रात भर मौके पर मौजूद रहे। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका। निगम आयुक्त ने प्लांट के कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। आग की सूचना मिलते ही बडी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया था।

निगम की आरआरआर गाड़ियां घर-घर जाकर पुराने कपड़े इकट्ठा करती थीं 
गोविंदपुरा ट्रांसफार्मर स्टेशन परिसर में एक साल पहले नगर निगम ने टेक्सटाइल रिसायकल प्लांट लगाया था। शेड नगर निगम ने बनवाया था और यहां लगी मशीनें वेंडर की थीं। निगम की आरआरआर गाड़ियां घर-घर जाकर, नेकी की दीवार और अन्य कलेक्शन पॉइंट्स से पुराने कपड़े इकट्ठा करती थीं और उक्त प्लांट तक पहुंचाती थी। यहां एकत्र होने वाले कपड़े को रीसायकल प्लांट में वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर उनसे औद्योगिक धागा तैयार किया जाता था। यह प्लांट शहर से एकत्र होने वाले टेक्सटाइल कचरे के निस्तारण और कचरा प्रबंधन के लिए स्थापित किया गया था। खराब और कटे-फटे कपड़ों को विशेष मशीनों (क्लॉथ शेडर) के जरिए छोटे-छोटे रेशों में बदला जाता था। इन रेशों को प्रोसेस करके औद्योगिक ग्रेड का धागा तैयार किया जाता था। पीपीपी मॉडल पर इसका संचालन होता था।

एक माह से बंद था प्लांट
उक्त प्लांट एक माह से बंद था। इसकी क्षमता 5 टन टेक्सटाइल कचरे को रिसायकल करने की थी। बताया जा रहा है कि बीते एक साल में कम मात्रा में कपडे का प्रोसेस हुआ और अधिक मात्रा में कपड़ा प्लांट के पीछे एकत्र होता चला गया। जानकारों की मानें तो 150 टन से ज्यादा टेक्सटाइल कचरे का ढेर हो गया था, जिसमें आग लगी और उसकी चपेट में टेक्सटाइल यूनिट भी आ गई। यूनिट बंद होने के कारण वेंडर को कई बार नोटिस भी दिए गए। जिस जगह से आग लगी वहां कपडों की गठानों के ढेर थे। जिससे आग भडकी और देखते ही देखते बेकाबू हो गई। प्लांट के सामने भी कपडे के ढेर लगे थे।

गनीमत रही, प्लांट तक नहीं पहुंची आग
निगम के फायर फाइटर्स ने सबसे पहले आग का फैलाव रोकने रिसायकल प्लांट की ओर से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। वरन इस आग की चपेट में कचरा ट्रांसफार्मर स्टेशन आ सकता था जो महज आठ से दस मीटर की दूरी पर ठीक सामने ही था। वहीं कॅरियर कालेज और कस्तूरबा अस्पताल वाले रोड की ओर से झाडि़यों के बीच से आग पर काबू पाने और उसका फैलाव रोकने के लिए फायर फाइटर्स को मशक्कत करना पड़ी।

बस्ती में दशहत, रात भर जागे कई परिवार
प्लांट के पास अन्ना नगर और करियर कॉलेज के पास बस्ती के कई परिवार आग का विकराल रूप देखकर अपने-अपने घरों से निकल गए। सुरक्षा की दष्टि से कुछ परिवारों को हटाया गया। बडी संख्या में इन बस्तियों के लोग रात पर जागते रहे। 

तड़के 3.30 बजे निगम कमिश्नर मौके पर पहुंची
निगम कमिश्नर संस्कृति जैन तड़के 3.30 बजे मौके पर पहुंची। उस समय भी आग पर काबू पाने फायर टीम जुटी हुई थी। निगम के फायर अधिकारी सौरभ पटेल रात भर मौके पर मौजूद रहे। उनके अलावा निगम के अन्य अधिकारी, स्वास्थ्य अमला जुटा रहा। 

घटना की जांच के लिए पुलिस को लिखा पत्र
निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि घटना बेहद दुखद है। आग से निगम का शेड और मशीनरी पूरी तरह से जल गई। प्लांट के कर्मचारियों से बातचीत की है। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका। इसकी जांच के लिए पुलिस का पत्र लिखा है।