इंदौर में साझा किया समावेशी विकास का रोडमैप


एवीएस न्यूज . इंदौर
एमएसएमई दिवस के अवसर पर एक्जिम बैंक ने इंदौर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वैश्विक वैल्यू चेन से जोडऩे और निर्यात क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।

वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एमएसएमई क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के एमएसएमई को निर्यात के लिए तैयार करना, उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना और उन्हें आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना था।


निर्यात आधारित विकास में एमएसएमई की अहम भूमिका
एक्ज़िम बैंक के उप प्रबंध निदेशक तरुण शर्मा ने विकसित मध्य प्रदेश की ओर बढ़ते कदम विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि अब केवल निर्यात बढ़ाने की नहीं, बल्कि एमएसएमई को बड़े स्तर पर विस्तार देने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश के कुल निर्यात में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 1.8 प्रतिशत है और राज्य इस मामले में 13वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2030 तक राज्य का निर्यात दोगुना करना है, तो लगभग 10.6 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (हासिल करनी होगी।


इन क्षेत्रों में हैं अपार संभावनाएं
तरुण शर्मा ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, एग्रो प्रोसेसिंग, रक्षा विनिर्माण और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निर्यातकों से पारंपरिक बाजारों के साथ-साथ नए वैश्विक बाजारों में भी प्रवेश करने का आह्वान किया।

उन्होंने एक्ज़िम बैंक के ट्रेड असिस्टेंस प्रोग्राम की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत अब तक 2,900 से अधिक ट्रेड ट्रांजैक्शन को सहयोग दिया गया है, जिससे 60 देशों में 4 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अतिरिक्त निर्यात को बढ़ावा मिला है। मध्य प्रदेश में भी इस योजना के तहत फूड प्रोसेसिंग और फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्रों को वित्तीय सहायता दी गई है।


 औद्योगिक विकास को मिल रही नई गति
एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति (आईएएस) ने कहा कि मध्य प्रदेश का औद्योगिक इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इंदौर-पीथमपुर आर्थिक कॉरिडोर, आईटी पार्कों का विस्तार और प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक मॉडल जैसी पहलें राज्य में निवेश और औद्योगीकरण को नई गति दे रही हैं।