जनसुविधा और प्रशासनिक सुगमता को केंद्र में रखकर होगा प्रशासनिक पुनर्गठन - सदस्य एस एन मिश्रा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आमजन भी दे सकेंगे पुनर्गठन संबंधी सुझाव

एवीएस न्यूज. भोपाल/ उमरिया 
उमरिया में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की जिला एवं तहसील स्तरीय बैठक जिला पंचायत के बांधवगढ़ सभागार में आयोजित हुई।

बैठक में आयोग के सदस्य पूर्व आईएएस एस एन मिश्रा, मुकेश शुक्ला तथा आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह ने प्रशासनिक पुनर्गठन और युक्तियुक्तकरण को लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जानकारी साझा की इसके साथ ही उन्होंने बैठक के अंत में अधिकारियों से पुनर्गठन से संबंधित सुझाव आमंत्रित किए तथा उन्हें आयोग के समक्ष रखने पर सहमति प्रदान की। 


एस एन मिश्रा ने पीपीटी के माध्यम से बताते हुए स्पष्ट किया कि पुनर्गठन का उद्देश्य केवल नई प्रशासनिक इकाइयों का निर्माण नहीं, बल्कि जनता को सरल, त्वरित और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। इसके तहत तहसील, विकासखंड और अन्य प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं, मुख्यालयों तथा पद संरचना का पुनर्मूल्यांकन किया जाना है। 


प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि भौगोलिक दूरी, यातायात सुविधा, जनसंख्या घनत्व, आदिवासी क्षेत्र, प्राकृतिक सीमाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को आधार बनाकर निर्णय लिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कलेक्टर को कार्यालय में किसी संस्था,समिति अथवा जनप्रतिनिधि से कोई सुझाव या प्रस्ताव प्राप्त होने पर उन प्रस्तावों की स्वयं जांच कराने,आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप उन्हें पूर्ण करवाने तथा तत्पश्चात अपनी टीम के साथ आयोग को प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया।


मुकेश शुक्ला ने बताया कि जनता की सुविधा के लिए आयोग ने ऑनलाइन पोर्टल और प्रश्नावली व्यवस्था शुरू की है, जिससे आम नागरिक, सामाजिक संस्थाएं और जनप्रतिनिधि सीधे अपने सुझाव दे सकेंगे। इसके साथ ही जिला स्तर पर व्यापक बैठकें, विभागीय समीक्षा और फॉलोअप प्रक्रिया भी तय की गई है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक निर्णय लिए जा सकें। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि आप सब अपने क्षेत्र के वांछित प्रशासनिक सुधारों को कलेक्टर  के माध्यम से आयोग तक पहुंचाएं।


उन्होंने कहे कि आयोग सभी सुझावों की गहन समीक्षा करने के उपरांत अंतिम सुझाव शासन को प्रस्तावित करेगा। आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासनिक युक्तियुक्तकरण से सरकारी सेवाओं की पहुंच गांवों तक आसान होगी। लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक खर्च दोनों कम होंगे। 
नई प्रशासनिक व्यवस्था से राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था और जनसुनवाई प्रणाली अधिक मजबूत होगी। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी और सेवा वितरण प्रणाली में तेजी आएगी।

बैठक में बताया गया कि आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली वेब पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से जारी कर दी गई है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि यदि किसी प्रशासनिक इकाई में युक्तियुक्तकरण, विलोपन या नवीन सृजन संबंधी प्रस्ताव देना चाहता है, तो वह पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में अपने प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकता है, जिनकी आयोग स्तर पर समीक्षा की जाएगी। 
बैठक में यह भी कहा गया कि उमरिया जैसे जनजातीय एवं भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले में पुनर्गठन से विकास कार्यों में गति आएगी, प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा तथा दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से मिल सकेगा। आयोग सचिव अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। 


बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय,सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह,वनमण्डलाधिकारी विवेक सिंह,उपसंचालक बीटीआर योहान कटारा,अपर कलेक्टर पी के सेनगुप्ता, संयुक्त कलेक्टर एवं प्रशासनिक पुनर्गठन जिला नोडल अधिकारी अमित सिंह, समस्त अनुविभागीय अधिकारी , तहसीलदार सहित जिलाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।