एवीएस न्यूज .बेंगलुरु 


आज एमेज़ॉन इंडिया ने साल 2026 के अंत तक अपने आश्रय केंद्रों की संख्या 250तक ले जाने की अपनी योजना के बारे में बताया, जिससे दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बैंगलुरु, चेन्नई और देश के अन्य शहरों में मौजूदा 100 आश्रय केंद्रों का नेटवर्क बढ़कर और अधिक मजबूत हो जाएगा। इसी विस्तार के अंतर्गत मई के अंत तक 50 नए आश्रय केंद्र शुरू किए जाएंगे। 


आश्रय केंद्र सभी डिलीवरी ड्राईवर्स के लिए एमेज़ॉन के समर्पित रेस्ट सेंटर हैं, जहाँ अन्य कंपनियों के डिलीवरी ड्राईवर भी आ सकते हैं। यहाँ पर उन्हें एयरकंडीशंड सीटिंग, पीने के लिए साफ पानी, इलेक्ट्रोलाईट, मोबाईल चार्जिंग पॉईंट, स्वच्छ वॉशरूम, फर्स्ट एड किट और आराम करने की जगह मिलती है।

ये सेंटर भीषण गर्मियों के मौसम में डिलीवरी ड्राईवर्स को आराम करने और फिर से रिचार्ज होने का स्थान प्रदान करते हैं। इस समय भारत के 16 शहरों में 100 आश्रय केंद्र हैं, जहाँ साल 2025 में पूरे उद्योग के डिलीवरी ड्राईवर्स की एक मिलियन से अधिक विज़िट दर्ज हुई थीं।
एमेज़ॉन इंडिया ने मोबाईल ‘‘आश्रय’’ यूनिट्स भी शुरू की हैं।

ये एयरकंडीशंड वैन भारी ट्रैफिक वाले डिलीवरी मार्गों पर खड़ी रहती हैं, ताकि एसोसिएट्स को किसी विशेष स्थान पर जाने की बजाय अपने मार्ग में ही आराम करने और हाईड्रेशन की सुविधा मिल सके। इन मोबाईल यूनिट्स में एयरकंडीशंड सीटिंग, साफ पीने का पानी, इलेक्ट्रोलाईट, वाई-फाई और मोबाईल चार्जिंग पॉईंट्स आदि सुविधाएं मिलती हैं। 


सलीम आर मेमन, डायरेक्टर ऑपरेशंस, एमेज़ॉन इंडिया ने कहा, ‘‘हमारे ऑपरेशन नेटवर्क में अपने डिलीवरी एसोसिएट्स की सेहत, स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारे लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। हमने आश्रय की शुरुआत एक सामान्य से विचार के साथ की थी कि हर डिलीवरी ड्राइवर, चाहे वह एमेज़ॉन से जुड़ा हो या नहीं, को काम करने के दौरान आराम करने का साफ और ठंडा स्थान मिलना चाहिए। अपने आश्रय केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर 250 तक ले जाने और अपनी मोबाईल यूनिट्स द्वारा डिलीवरी ड्राईवर्स के पास पहुँचकर उन्हें ये सुविधाएं प्रदान करने से हमारी यह प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।

यह हमारे नेटवर्क में अपने एसोसिएट की सेहत, स्वास्थ्य और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हमारे 2,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का एक हिस्सा है।’’


अपने ऑपरेशंस नेटवर्क में एसोसिएट्स को सपोर्ट देना
एमेज़ॉन नए आश्रय केंद्र स्थापित करने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), उदयास फाउंडेशन और रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट (रीड) इंडिया जैसी थर्ड पार्टीज़ के साथ काम कर रहा है। यह सेहत, सुरक्षा और आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने पर केंद्रित अभियानों के माध्यम से डिलीवरी ड्राइवर्स को सपोर्ट प्रदान करने के एमेज़ॉन के प्रयासों का हिस्सा है।

एमेज़ॉन ने इन केंद्रों के अलावा अपने फुलफिलमेंट सेंटर्स, सॉर्ट सेंटर्स और डिलीवरी स्टेशनों में भी रेस्ट एरिया, ब्रेक जोन और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं शुरू की हैं, ताकिएसोसिएट्स यहाँ पर तरोताजा हो सकें।


यह 2,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का हिस्सा है, जिसकी घोषणा एमेज़ॉन ने हाल ही में की थी। इस निवेश का उद्देश्य एसोसिएट्स की सुरक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सेहत में सुधार लाना तथा देश में अपने ऑपरेशंस नेटवर्क का विस्तार करना है।