श्रमिक संगठनों की हड़ताल का सामान्य जनजीवन पर मिला-जुला असर दिखा- मप्र में 10 लाख करोड़ रु. से अधिक का बैंकिंग व्यवसाय प्रभावित हुआ
एवीएस न्यूज..भोपाल
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मचारियों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। वे केंद्र सरकार की कथित 'एंटी-लेबर, एंटी-फार्मर और एंटी-नेशनल एवं प्रो-कॉर्पोरेट पॉलिसी' के विरोध में एक दिन की हड़ताल पर थे। राजधानी भोपाल में हड़ताली कर्मियों ने कलरफुल इंकलाबी रैली निकालकर अपना आक्रोश जताया । एक दिवसीय इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में इंटक, एटक, एचएमएस,सीटू , एआईयूटीयूसी, सेवा तथा बैंक ,बीमा,केंद्र,बीएसएनएल, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एवं अन्य संस्थानों की ट्रेड यूनियनों के आह्वान हुआ। केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ भोपाल, मध्यप्रदेश सहित देशभर के 25 करोड़ से ज्यादा मजदूर, कामगार, कर्मचारी एवं अधिकारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण बैंक, बीमा, डॉक तार ,केंद्र, आयकर, सामान्य बीमा, बीएसएनएल, आगनबाड़ी, कोयला, परिवहन, तेल, पोर्ट, विमानन, एवं अन्य संस्थानों के कार्यालयों में कामकाज ठप्प रहा । श्रमिक संगठनों की हड़ताल का सामान्य जनजीवन पर मिला-जुला असर दिखा।
भोपाल में 2.72 लाख करोड़ रुपए बैंकिंग व्यवसाय प्रभावित हुआ
मध्य प्रदेश बैंक एंप्लाईज एसोसिएशन के महासचिव वीके शर्मा बताया कि 12 सूत्रीय मांगों के समर्थन में राजधानी भोपाल में विभिन्न संस्थानों की ट्रेड यूनियनों के हजारों कामगार एवं कर्मचारी रंग-बिरंगे बैनर, पोस्टर, प्ले कार्ड्स एवं कलरफुल ड्रेस के साथ सुबह इंदिरा प्रेस कांप्लेक्स भोपाल स्थित पीएनबी की शाखा के सामने एकत्रित हुए। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि इस हड़ताल में मध्यप्रदेश में संचालित सार्वजनिक बैंकों के 5 हजार शाखाओं के 30 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। जिससे 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का व्यवसाय और राजधानी भोपाल में साढ़े 400 बैंक शाखाओं के 4 हजार बैंककर्मियों के हड़ताल में शामिल होने करीब 2 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बैंकिंग व्यवसाय प्रभावित हुआ।

भोपाल में हड़ताली कर्मियों ने कलरफुल इंकलाबी रैली निकालकर जताया आक्रोश
प्रदर्शन के पश्चात करीब 2000 से ज्यादा हड़ताली कर्मियों की रैली प्रारंभ हुई। रैली में लोग बड़े ही अनुशासित ढंग से दो-दो की पंक्तियों में गगन भेदी नारे लगाते हुए चल रहे थे। अधिकांश लोग लाल रंग की टीशर्ट पहने हुए थे । उनके हाथों में प्ले कार्ड्स एवं संगठन की झंडिया थी। रैली में महिलाओं की संख्या उल्लेखनीय थी। रैली पीएनबी की शाखा के सामने से प्रारंभ हुई और प्रेस कॉम्पलेक्स से होती हुई पुनः पीएनबी की शाखा के सामने आकर एक सभा में परिवर्तित हो गई।
सभा को हड़ताली संगठनों के पदाधिकारियों साथी वीके शर्मा, एसएस मोर्या, प्रमोद प्रधान, विनोद लोगरिया, नजीर कुरैशी, संजय मिश्रा, भूषण भट्टाचार्य,आरए शर्मा, यशवंत पुरोहित, दीपक रत्न शर्मा,पूषण भट्टाचार्य,ए परसाई,शैलेंद्र कुमार शैली, संजय कुदेशिया, शैलेंद्र शर्मा आदि ने संबोधित किया। मध्य प्रदेश बैंक एंप्लाईज एसोसिएशन के महासचिव वी के शर्मा ने बताया कि बैंकिंग उद्योग की यूनियनें- ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, बैंक एम्पलाईज फेडरेशन ऑफ इंडिया ने केंद्रीय श्रमिक संगठनों की मांगों का समर्थन करते हुए राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में भाग लिया जिसके चलते बैंकों में कामकाज ठप्प रहा।
वित्तीय संस्थानों की ट्रेड यूनियंस की यह रही मांगें
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों को मजबूत करो, निजीकरण और विनिवेश पर रोक लगाओ, बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश पर रोक लगाओ, सार्वजनिक सामान्य बीमा कंपनियों का एकीकरण करो, पर्याप्त नई भर्तियों करो, आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा पर रोक लगाओ, एनपीएस हटाकर पुरानी पेंशन योजना लागू करो, कारपोरेट से बकाया ऋण वसूली के लिए सख्त कार्यवाही करो, आम ग्राहकों पर सेवा शुल्क में कमी करो, चार नई श्रम संहिताओं/लेबर कोड्स को वापस लो, ट्रेड यूनियन अधिकारों में हस्तक्षेप बंद करो।

