पूर्व अध्यक्ष पाली, कांग्रेस नेता गोयल और बेटे ने भी भरा अध्यक्ष का फॉर्म
भोपाल चेंबर चुनाव: 200 फॉर्म में 19 फॉर्म जमा, आज आखिरी तारीख
अध्यक्ष के लिए 3, कार्यकारिणी 16 पदों पर फॉर्म आए
एवीएस न्यूज . भोपाल
व्यापारियों की शीर्ष संस्था भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर सभी को अचंभित करने वाले तेजकुलपाल सिंह पाली एक बार फिर मैदान में हैं। उन्होंने चेंबर के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा है। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद गोयल और उनके बेटे आकाश गोयल ने भी अध्यक्ष पद पर फार्म भरा है। आज शाम 5 बजे तक नामांकन जमा करने का अंतिम दिन है।
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव पर्वेक्षक पीसी कोठारी ने बताया कि 200 नामांकन फॉर्म का वितरण हुआ,लेकिन शनिवार की शाम तक कुल 19 फॉर्म ही जमा हुए। जिसमें से 3 फॉर्म अध्यक्ष पद के और 16 नामांकन फॉर्म कार्यकारिणी के जमा हुए है।
गौरतलब है कि अक्टूबर में पाली ने इस्तीफा दिया था। उन्होंने चेंबर के पदाधिकारी-सदस्यों से सहयोग न मिलने को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया था। इस्तीफे के बाद व्यापारिक सियासत भी गरमा गई थी। आज शाम 5 बजे तक नामांकन फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख है। अत: इसके बाद ही तय होगा कि दोनों तरफ से अध्यक्ष पद का दावेदार कौन होगा? और कौन नामांकन वापस लेगा? पर्वेक्षक कोठारी ने बताया कि शनिवार को मनयां महामंत्री पद के लिए एक उम्मीदवार नामांकन जमा करने पहुंचे, लेकिन समय सीमा खत्म होने पर उन्हें पर्यवेक्षकों ने वापस लौटा दिया और रविवार को नामांकन जमा करने की सलाह दी।
- चेंबर में कुछ ऐसे भी सदस्य बने, जिनसे न आवेदन लिया, न ही दुकान और कोई बिजनेस है: तिवारी
भोपाल चेबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्य रमाकांत तिवारी ने कहाकि जो चुनाव हो रहे हैं वह पूर्ण रूप से कहीं से कहीं तक सत्य नहीं है, क्योंकि जो भी नियम बने हुए हैं आज यह साबित कर रहा है जो अध्यक्ष 31000, उपाध्यक्ष 21000, कार्यकारिणी 11000 रुपए की फीस निर्धारित की है कि यह भी रजिस्टर ऑफ फर्म में पास नहीं है। इसके अलावा गतिविधि शुल्क 600 भी रजिस्टार ऑफ फर्म से पास नहीं है।
उन्होंने कहाकि अगर संयोजित सदस्य का सभी पदों पर चुनाव लडऩा रजिस्टार ऑफ फर्म में पास नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए। इसके बाद निष्पक्ष चुनाव हो सकते हैं। चेंबर में कुछ ऐसे भी सदस्य बनाए गए हैं, जिनसे कोई आवेदन नहीं लिया गया है ना उनकी कोई दुकान है ना उनका कोई बिजनेस है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। इसके बाद चुनाव कराया जाए।

