भोपाल। झीलों की नगरी भोपाल के बाशिंदों, व्यवसायियों और परिवहन क्षेत्र के कोयला, डीजल और एलपीजी सिलेंडर जैसे परंपरागत ईंधनों से प्राकृतिक गैस, पीएनजी और एलएनजी जैसे स्वच्छ विकल्पों की ओर रुख करने से इस शहर की वायु गुणवत्ता में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। इस परिवर्तन से भोपाल की वायु गुणवत्ता का सूचकांक (एक्यूआई) मध्यम से अच्छा के दायरे में आ गया है।

मध्य प्रदेश सरकार के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) के विस्तार की पहल ने घरों, उद्योगों और परिवहन क्षेत्र में पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी), कंप्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अब बैरागढ़ में थिंक गैस का स्टेशन

भोपाल में निवासी और ड्राइवर तेजी से स्वच्छ ईंधन अपना रहे हैं जिससे प्रदूषण घटेगा क्योंकि सीएनजी स्टेशन बढ़ रहे हैं और एलएनजी के विकल्पों से लंबी दूरी के वाहनों को सहूलियत मिल रही है और ड्राइवर दैनिक जरूरतों के लिए सीएनजी वाहन अपना रहे हैं।

भोपाल के एक व्यवसाय के मालिक सीताराम साहू का कहना है, मैंने सीएनजी वाहन की ओर रुख किया है। इससे मुझे बेहतर माइलेज मिलता है और अब मैं प्रति किलोमीटर करीब 8-9 रुपये की बचत कर रहा हूं। मुझे खुशी है कि अब बैरागढ़ में थिंक गैस का स्टेशन है जहां मैं नियमित ईंधन लेता हूं। अब आगे से मैं मेरे दोस्तों को भी सीएनजी वाहन लेने के लिए प्रोत्साहित करूंगा।

अब लोगों को भारी भरकम सिलेंडर नहीं उठाना पड़ता

पूरे भोपाल में परिवार के लोग पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) की ओर रुख कर रहे हैं और वे धीरे धीरे किचेन से एलपीजी सिलेंडर हटा रहे हैं। अब लोगों को भारी भरकम सिलेंडर नहीं उठाना पड़ता और ना ही बुकिंग के लिए इंतजार करना पड़ता है क्योंकि पीएनजी ईंधन की निर्बाध आपूर्ति की सहूलियत देता है। इस बदलाव से रसोई सुरक्षित और साफ हो गई है।

 

समय और खर्च दोनों काफी घटा

भोपाल में एक रेस्तरां चलाने वाली सुनीता का कहना है, पीएनजी हमारे लिए बहुत सुविधाजनक और सुरक्षित है। इसने हमारा समय और खर्च दोनों काफी घटा दिया है। किचेन में पीएनजी दिन के चौबीसों घंटे उपलब्ध है। हम थिंक गैस का प्रीपेड गैस कनेक्शन उपयोग कर रहे हैं क्योंकि इसका रिचार्ज सिस्टम बहुत आसान है और हम कहीं से भी इसे रिचार्ज कर सकते हैं। इसने सच में जिंदगी आसान कर दी है।

एक टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक कदम

भोपाल के लिए इस स्वच्छ ऊर्जा को लेकर बदलाव स्वस्थ रहन सहन, आर्थिक किफायतीपन और एक टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक कदम है। पीएनजी, सीएनजी और एलएनजी अपनाकर यह शहर मध्य प्रदेश की हरित ऊर्जा यात्रा में खुद को अग्रणी के तौर पर स्थापित करने की स्थिति में है।