एवीएस न्यूज..भोपाल
बड़े तालाब एवं कलियासोत नदी से जुड़े अतिक्रमण, ग्रीनबेल्ट तथा संरक्षण तथा तटीय सौंदर्यीकरण विषयों पर सोमवार कलेक्टरेट में भोपाल सांसद आलोक शर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। जिसमें कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरणविद, व्यापारिक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।  बैठक में ‘कमाल का भोपाल’ नागरिक अभियान के फाउंडर मनोज मीक ने कहा कि बड़े–छोटे तालाब को केवल जलाशय नहीं, बल्कि उद्गम से डाउनस्ट्रीम तक एकीकृत पर्यावरणीय तंत्र मानकर सीमा-निर्धारण संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने तालाब व कलियासोत के किनारों के सौंदर्यीकरण तथा ऑल-वेधर रोड विकसित कर सीमाओं, व प्रदूषण की सुरक्षा और नियमित मॉनिटरिंग के  चार प्रस्ताव रखे और सुझाव दिए। 

 

अब आवश्यकता है अतिक्रमण हटाकर दोनों किनारों को विकसित करने की 
मनोज मीक ने बताया कि राजा भोज द्वारा निर्मित भोजताल पर पीएचडी शोध-रिपोर्ट “जियोहाइड्रो-एनवायरनमेंटल इन्वेस्टिगेशंस फॉर एक्सप्लोरिंग द पॉसिबिलिटीज ऑफ रिएक्टिवेशन ऑफ बरीड रिजर्वॉयर एंड असोसिएटेड चैनल्स, ओएम वैली, बेतवा बेसिन” अभियान के पास उपलब्ध है, जिसे प्रशासनिक अध्ययन में शामिल किया जाए।

साथ ही उन्होंने कहा कि कलियासोत नदी किनारे 33 मीटर ग्रीनबेल्ट का चिन्हांकन पहले ही हो चुका है अब आवश्यकता अतिक्रमण हटाकर इसके दोनों किनारों को विकसित करने की है। इस पर्यावरण संवेदी चर्चा में मीक ने कहा कलियासोत नदी के जलस्तर बढ़ाने, ग्रीनबेल्ट का सौंदर्यीकरण तथा दोनों किनारों पर ऑल-वेधर रोड विकसित करने संबंधी तकनीकी रिपोर्ट द हाइड्रोजियोलॉजी ऑफ कलियासोत रिवर भी अभियान के पास उपलब्ध है, उन्होंने इसके आधार पर नदी के तटों का विकास करने की मांग भी रखी।

 इसके अलावा 2009 में जलस्तर घटने पर तालाब में दिखाई दी प्रतिहारकालीन जलमग्न किले की दीवारों का वैज्ञानिक आकलन व डिसिल्टिंग कर अंडरवॉटर हेरिटेज टूरिज्म की संभावना पर अध्ययन कराने का आकर्षक और ऐतिहासिक महत्त्व का प्रस्ताव भी मनोज मीक द्वारा दिया गया।