भेल क्षेत्र के आनंद नगर हथाइखेड़ा रोड स्थित सिविल अस्पताल बीमार, असुविधाओं के कारण मरीज हो रहे परेशान
एक्स-रे मशीन भी पिछले डेढ माह से खराब, मरीज काट रहे अस्पलात के चक्कर
 

शिवनारायण सोनी, भोपाल।


भेल क्षेत्र के आनंद नगर हथाइखेड़ा रोड स्थित सिविल अस्पताल इन दिनों बीमार है। यहां न तो आर्थोपेडिक डॉक्टर हैं न ही स्कीन के स्पेलिस्ट। रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर के न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है। उन्हें जांच के लिए जयप्रकाश, हमीदिया या फिर प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ रहा हैं। 
गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के एक मात्र शासकीय सिविल अस्पताल में पूर्ण सुविधा उपलब्ध न होने पर मरीजों को संपूर्ण इलाज नहीं मिल पा रही है। सबसे बड़ी परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती हैं, जिन्हें सोनोग्राफी जांच के लिए डॉक्टर लिखते तो हैं पर अस्पताल में इसकी सुविधा उपलब्ध न के कारण उन्हें बाहर प्राइवेट में मोटी फीस देकर करवानी पड़ रही है। खास बात तो यह है कि इतने बड़े अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति आज तक नहीं की गई है। यहां आने वाले मरीजों का कहना है कि अस्पताल में सोनाेग्राफी की सुविधा उपलब्ध हो जाती तो हमें और गर्भवती महिलाओं को इस सुविधा का पूर्ण लाभ मिलता।


पिछले डेढ़ महीने से खराब है एक्स­-रे मशीन 
अस्पताल में लगी एक्स-रे मशीन पिछले डेढ़ महीने से खराब है। लोगों को एक्स-रे के लिए यहां वहां भटकना पड़ रहा है। सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन एक्स-रे के लिए करीब एक दर्जन से अिधक मरीज आते हैं। मशीन खराब होने से उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है।  जब अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर से पूछा तो उन्होंने बताया कि एक्स-रे मशीन का यूपीएस खराब है। हमने शासन को पत्र लिखा है। 


रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए लिखा है पत्र 
अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन नहीं है। हमने मशीन के लिए शासन को पत्र लिखा है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर नियुक्ति होने के बाद सोनोग्राफी मशीन भी उपलब्ध हो जाएगी, क्योंकि सोनोग्राफी मशीन का रजिस्ट्रेशन रेडियोलॉजिस्ट के रजिस्ट्रेशन पर ही रजिस्टर्ड होती है। 
डॉ. संजय खरे, मेडिकल स्पेशलिस्ट, प्रभारी, सिविल अस्पताल, गोविंदपुरा

 

डॉक्टर मिल ही नहीं रहे हम क्या करें?
रेडियोलॉजिस्ट तो पूरे प्रदेश में ही नहीं है, हम कहां से लाएं। वेकेंसी निकाली है कोई आता ही नहीं है, हम क्या करें? रेडियोलॉजिस्ट मिलना बहुत मुिश्कल का काम है, जैसे ही कोई डॉक्टर हमें मिलता है हम सिविल अस्पताल में नियुक्त कर देंगे। एक्स-रे मशीन खराब होने की सुचना हमारे पास नहीं है, आप ने बताया है तो हम इस मामले को देखते हैं।
डॉ. मनीश शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल


सीएमएचओ और केंद्रीय मंत्री को दिया है आवेदन 
अस्पताल में स्टॉफ और सोनोग्राफी की व्यावस्था नहीं है। एमबीबीएस में जो भी पीजी कर के आते हैं वे कम सैलरी में काम नहीं करना चाहते। रेडियोलाॅजिस्ट जो भी निकलते हैं वे बड़े-बड़े अस्पतालों में चले जाते हैं, क्योंकि उन्हें पैसा अधिक मिलता है। मैंने दो साल पहले पीएमओ काे लेटर भेजा है।  मैं स्वयं दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्री नड्डा को आवेदन दिया है। एक्से-रे मशीन खराब है इसकी जानकारी मुझे है। उसका कुछ पार्ट नहीं मिल रहा है, जैसे ही पार्ट उपलब्ध हो जाएगा, मशीन ठीक हो जाएगी। मैने इस संबंध में भी सीएमएचओ को तीन महीने पहले हुई बैठक में बताया था। 
राजेश चौकसे, पार्षद, वार्ड 62