कोटक महिंद्रा बैंक के प्रेसिडेंट श्रीपद जाधव ने कहा- गोल्ड लोन, ले रही 'प्रॉपर्टी लोन' और 'होम लोन टॉप-अप' की जगह :
एवीएस न्यूज. नई दिल्ली
कोटक महिंद्रा बैंक का कहना है कि भारत में अब गोल्ड लोन की छवि बदल रही है। पहले जहां इसे मजबूरी में लिया जाने वाला "आखिरी रास्ता" माना जाता था और इससे एक सामाजिक संकोच जुड़ा था, अब यह एक सोची-समझी योजना का हिस्सा बनता जा रहा है।
बैंक के मुताबिक लोग अब घर में रखे पुश्तैनी गहनों का इस्तेमाल करके मॉर्टगेज (संपत्ति पर ऋण) या बिना गारंटी वाले लोन (अनसिक्योर्ड लोन्स) के मुकाबले ज्यादा आसानी से, तेजी से और कम ब्याज पर पैसा ले रहे हैं।
कोटक महिंद्रा बैंक के प्रेसिडेंट श्रीपद जाधव ने कहाकि यह लोगों के व्यवहार में आया एक बदलाव है। गोल्ड लोन अब केवल संकट या परेशानी से जुड़ा नहीं रहा है। स्थिर आय और संपत्तियों वाले ग्राहक अब अपनी गोल्ड ज्वेलरी को अस्थायी रूप से गिरवी रखकर फंड्स का उपयोग कर रहे हैं, ताकि वे समय के लिहाज से महत्वपूर्ण अवसरों का फायदा उठा सकें। यह छोटी अवधि की जरूरतों को पूरा करने का एक अनुशासित तरीका है।
सोने की कीमतों में आई तेज उछाल के कारण घरों में रखी ज्वेलरी की वैल्यू काफी बढ़ गई है। इससे परिवारों को अपनी छोटी और मध्यम अवधि की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और सामने आने वाले नए अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिल रही है।
जाधव ने आगे कहाकि यह व्यवहार रिटेल उधारकर्ताओं में बढ़ते 'कन्वीनियंस-क्रेडिट' (सुविधाजनक ऋण) के ट्रेंड को दर्शाता है, क्योंकि गोल्ड लोन के लिए बहुत ही कम कागज़ी कार्रवाई की जरूरत होती है। जाधव ने कहा कि लागत और समय का फायदा साफ़ दिखता है।
गोल्ड लोन पर ब्याज दरें आमतौर पर अनसिक्योर्ड क्रेडिट (जैसे पर्सनल लोन) से कम होती हैं, मंजूरी तुरंत मिलती है और चुकाने के विकल्प भी लचीले हैं। किसी भी सोची-समझी ज़रूरत के लिए यह एक 'स्मार्ट' विकल्प है। ग्राहक सोना गिरवी रखते हैं, पैसे का इस्तेमाल करते हैं, लोन चुकाते हैं और अपनी ज्वेलरी वापस ले लेते हैं।
बढ़ती जा रही है लोन की राशि
अब 2 लाख से 10 लाख रुपए तक के गोल्ड लोन, 'प्रॉपर्टी लोन' या 'होम लोन टॉप-अप' की जगह ले रहे हैं, क्योंकि यहां स्पीड और लचीलापन ज़्यादा मिलता है। ग्राहक अब अपने सोने को बेचने के बजाय उसे गिरवी रखना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि गिरवी रखे होने के बावजूद समय के साथ सोने की कीमत बढ़ती रहती है।
जाधव ने कहाकि समय की कीमत अब बहुत बढ़ गई है। जब बिजनेस परिवारों, एमएसएमई और एचएनआई के पास किसी अवसर का लाभ उठाने के लिए सिर्फ 48-72 घंटे का समय होता है, तो कुछ ही मिनटों में मिलने वाला गोल्ड लोन उनके लिए सबसे सही विकल्प साबित होता है।

