मुख्यमंत्री ने किया पेप्सिको के अत्याधुनिक फ्लेवर निर्माण इकाई का उद्घाटन : वर्ष 2030 तक पेप्सिको भारत में करेगा 5,700 करोड़ रुपए निवेश
देश में पेप्सिको की ‘पार्टनरशिप ऑफ प्रोग्रेस’ को मजबूत करते हुए, कंपनी की ‘इन इंडिया, फॉर इंडिया’ (भारत में, भारत के लिए) की सोच को और मजबूती मिलेगी।
- नई इकाई से स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा मध्य प्रदेश में सहायक उद्योगों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास को गति मिलेगी।
एवीएस न्यूज.उज्जैन
स्नैक्स और पेय पदार्थ की अग्रणी कंपनी पेप्सिको इंडिया ने आज मध्य प्रदेश के उज्जैन में अपनी अत्याधुनिक फ्लेवर निर्माण इकाई का उद्घाटन किया। इसके साथ ही कंपनी ने देश में अपनी ‘पार्टनरशिप ऑफ प्रोग्रेस’ (प्रगति की साझेदारी) पहल को और मजबूत किया है।
देश के हृदय के रूप में पहचान रखने वाला मध्य प्रदेश लंबे समय से विकास, दृढ़ता और अवसरों का प्रतीक रहा है। अपनी ‘पार्टनरशिप ऑफ प्रोग्रेस’ के माध्यम से उज्जैन में पेप्सिको की मौजूदगी "भारत के दिल में, पेप्सिको की धड़कन" की अवधारणा को साकार करती है।
देश में किए गए अपने सबसे बड़े विनिर्माण निवेशों में से एक के तहत 1,266 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित यह इकाई मध्य भारत में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और सहायक उद्योगों के विस्तार को गति देने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगी।
मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेप्सिको के सीईओ - इंटरनेशनल बेवरेजेज यूजीन विलेम्सेन, पेप्सिको इंडिया एवं दक्षिण एशिया के सीईओ जागृत कोटेचा तथा पेप्सिको ग्लोबल कंसन्ट्रेट सॉल्यूशंस के जीएम एवं एसवीपी इवन नॉर्टन के साथ इस इकाई कावर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।
इस अवसर पर राज्य सरकार के वरिष्ठ गणमान्य प्रतिनिधि, पेप्सिको इंडिया के शीर्ष नेतृत्व, उद्योग जगत के साझेदार और उज्जैन शहर के समुदाय के सदस्य भी उपस्थित थे। यह अवसर भारत में कंपनी की विनिर्माण यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
उज्जैन संयंत्र भारत में वर्ष 2030 तक पेप्सिको की 5,700 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इसका उद्देश्य विनिर्माण क्षमता का विस्तार करना, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाना, स्थिरता संबंधी क्षमताओं को बढ़ाना तथा कंपनी के प्रमुख बाजारों में से एक भारत में दीर्घकालिक विकास को समर्थन देना है।
'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत 2047' के विजन के तहत स्थानीय विनिर्माण के प्रति पेप्सिको इंडिया की प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए 22 एकड़ में फैली यह इकाई भारत में कंपनी की दूसरी फ्लेवर निर्माण इकाई है। यहां पेप्सिको के प्रतिष्ठित पेय पोर्टफोलियो के लिए बेवरेज कंसन्ट्रेट का निर्माण किया जाएगा। लगभग 500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने की क्षमता रखने वाली यह इकाई क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करेगी तथा कंपनी की 'इन इंडिया, फॉर इंडिया' विनिर्माण रणनीति को भी आगे बढ़ाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा,"मैं उज्जैन में पेप्सिको की नई फ्लेवर निर्माण इकाई के उद्घाटन पर कंपनी को बधाई देता हूं। यह निवेश मध्य प्रदेश में वैश्विक अग्रणी कंपनियों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और मध्य प्रदेश निवेश एवं उद्योग के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यह इकाई रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाएगी और राज्य की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। मैं मध्य प्रदेश के साथ पेप्सिको की निरंतर साझेदारी का स्वागत करता हूं और मुझे विश्वास है कि यह निवेश राज्य की विकास यात्रा में और अधिक उद्योगों को भागीदार बनने के लिए प्रेरित करेगा।"

यूजीन विलेम्सन ने उद्घाटन समारोह में उपस्थित अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा,"भारत वैश्विक स्तर पर पेप्सिको के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक विकास बाजार बना हुआ है और इस नई इकाई का उद्घाटन - जो वैश्विक स्तर पर हमारी नौवीं तथा भारत में दूसरी फ्लेवर निर्माण इकाई है - देश के प्रति हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
उज्जैन स्थित यह संयंत्र विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और स्थिरता के क्षेत्र में पेप्सिको की वैश्विक क्षमताओं का उत्कृष्ट उदाहरण है. साथ ही, यह हमें उपभोक्ताओं तक पेप्सिको के प्रतिष्ठित पेय उत्पादों को और प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सक्षम बनाएगा। हमें विश्वास है कि यह इकाई स्थानीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक योगदान देगी और राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में दीर्घकालिक मूल्य सृजित करेगी।"
पेप्सिको इंडिया एवं दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जागृत कोटेचा ने कहा, "उज्जैन में हमारी फ्लेवर निर्माण इकाई का उद्घाटन भारत के साथ हमारी मजबूत होती 'पार्टनरशिप ऑफ प्रोग्रेस' का प्रमाण है। हमें मध्य प्रदेश में अपने कंसन्ट्रेट निर्माण परिचालन की शुरुआत करते हुए गर्व महसूस हो रहा है, जो पेप्सिको की 'इन इंडिया, फॉर इंडिया' प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह संयंत्र पेय निर्माण क्षेत्र में तकनीकी प्रगति और विश्वस्तरीय नवाचार का प्रतीक है। इस महत्वाकांक्षी पहल को साकार करने में सहयोग देने के लिए हम मध्य प्रदेश सरकार के आभारी हैं। इससे राज्य के साथ हमारी दीर्घकालिक साझेदारी और मजबूत होगी तथा राज्य में हमारे कृषि क्षेत्र से जुड़े कार्यों का दायरा भी विस्तारित होगा।"
पेप्सिको इंडिया की मध्य प्रदेश में प्रतिबद्धता लगातार मजबूत हो रही है। कंपनी राज्य में अपने व्यापक सहयोगात्मक कृषि कार्यक्रम के तहत 2,000 से अधिक किसानों के साथ जुड़कर चिप्स निर्माण के लिए उपयुक्त आलू की सतत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। नई इकाई राज्य के आर्थिक विकास और कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगी।
विनिर्माण गतिविधियों और प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा, यह इकाई सहायक अवसंरचना और सहायक उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित कर मध्य प्रदेश में व्यापक खाद्य एवं पेय विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को बढ़ावा देगी।
यह इकाई पेप्सिको की ‘विनिंग विद पेप+ (पेप्सिको पॉजिटिव)’ अवधारणा के अनुरूप विकसित की गई है और इसमें परिचालन उत्कृष्टता तथा स्थिरता पर केंद्रित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को शामिल किया गया है। यह संयंत्र पूरी तरह से नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त बिजली पर संचालित होगा और इसे जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (शून्य तरल अपशिष्ट उत्सर्जन) तकनीक तथा उद्योग में अग्रणी जल दक्षता उपायों के साथ डिजाइन किया गया है।
पेप्सिको के परिचालन के तहत इस इकाई में उपयोग किए जाने वाले 100 प्रतिशत पानी की भरपाई (रीप्लेनिशमेंट) के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। यह संयंत्र टिकाऊ और तीव्र विकास को समर्थन देने वाले भविष्य के लिए तैयार परिचालन तंत्र विकसित करने की दिशा में कंपनी के निरंतर प्रयासों को भी दर्शाता है।






